कानपुर। आरटीओ कार्यालय को दलालों और बिचौलियों से मुक्त कराने की कार्रवाई का असर महज दो माह तक ही दिखाई दिया। सितंबर के अंत तक कार्यालय के बाहर दुकानें नहीं लग रही थीं, लेकिन अक्तूबर शुरू होते ही मेज-कुर्सी और लैपटॉप के साथ दुकानदार फिर सक्रिय हो गए। बृहस्पतिवार को अधिकारियों ने निरीक्षण के दौरान दुकानदारों को फटकार लगाकर हटाया, लेकिन उनके जाते ही दुकानें दोबारा सज गईं। इससे कार्रवाई और निगरानी पर सवाल उठने लगे हैं।
संभागीय परिवहन अधिकारी राकेंद्र कुमार सिंह, आरटीओ (प्रवर्तन) राहुल श्रीवास्तव, एआरटीओ (प्रशासन) कहकशां खातून और मोटरयान निरीक्षक संतोष कुमार ने कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान मुख्य द्वार के बाहर सड़क किनारे दुकान लगाए लोगों को फटकार लगाई गई। अधिकारियों को देखकर दुकानदार सामान समेटकर चले गए। सड़क के दूसरी ओर दुकान लगाने वाले भी हट गए, लेकिन अधिकारियों के कार्यालय के अंदर जाते ही वे लौट आए।
दोपहर में हटाई गई दुकानें एक घंटे के भीतर फिर सज गईं। निरीक्षण के दौरान कार्यालय के दोनों बाहरी मुख्य द्वारों, भीतरी मुख्य द्वार, साइड गेट और सारथी भवन के प्रवेश द्वार पर निगरानी के निर्देश दिए गए। परिसर में जमीन पर सामान रखकर अस्थायी दुकानें चलाने वालों को भी बाहर किया गया। आरटीओ प्रशासन राकेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कुछ लोगों ने दोबारा दुकानें लगा ली थीं। उन्हें चेतावनी देकर हटा दिया गया है। फिर दुकानें लगाते मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।