वहां रहने वाले कुछ छात्रों ने रजिस्ट्रार को शिकायत की थी कि कुत्तों की वजह से गंदगी होती है, इनको यहां से निकाला जाए। उनकी शिकायत पर आईआईटी प्रशासन ने बिना नगर की मदद लिए ही कुत्तों को सड़कों पर छोड़ना शुरू कर दिया। इसकी वजह से कुछ जानवर भूख से तड़पने लगे और कुछ की मौत भी हो गई। इसके बाद छात्रों ने संस्थान के एनिमल वेलफेयर सेल के सदस्यों को इसकी जानकारी दी।
वेलफेयर सेल के सदस्यों से मामले को गंभीरता से लिया, लेकिन फिर जानवरों का पकड़ा जाना नहीं रुका। सदस्यों ने फिर एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया को पत्र लिखा। इसके जवाब में बोर्ड ने इस पर तत्काल एक्शन लिया और संस्थान को जानवरों के बाहर किए जाने पर रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, पशु समिति कल्याण समिति बनाने के भी कहा है।
बटरस्कॉच के 639 फॉलोअर
इंस्टाग्राम पर बटरस्कॉच आईआईटी के नाम से पेज बना हुआ है। इसमें 639 फॉलोअर हैं, जिसके जरिए जानवरों को बचाने की मुहिम चलाई जा रही है। सदस्यों का कहना है कि जानवरों को हटाने के बजाए दूसरी व्यवस्था करें। सड़कों पर घूमने वाले यह जानवर लोगों को और नुकसान पहुंचाएंगे।