आईआईटी में जूनियर छात्रों के साथ रैगिंग के मामले में हुई कार्रवाई के खिलाफ सीनियर छात्र एकजुट हो रहे हैं। छात्र लगातार परिसर के अलग-अलग क्षेत्रों में बैठकें कर रहे हैं और आगे की रणनीति तैयार करने में जुटे हैं।
गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्रों ने ‘ब्लैक डे’ के रूप में मनाया। फेसबुक, व्हाट्सएप की प्रोफाइल फोटो को काले रंग में बदल दी। छात्रों ने 22 छात्रों के सस्पेंशन को गलत बताया। तर्क दिया कि कई ऐसे छात्रों पर कार्रवाई कर दी गई है जो निर्दोष हैं। स्टूडेंट सीनेट अफेयर्स कमेटी (एस-सैक) ने सही तरीके से छात्रों के बयान दर्ज नहीं किए हैं। कई सीनियर छात्रों ने सस्पेंड किए गए सेकेंड ईयर के छात्रों को कानूनी मदद लेने की सलाह भी दी है।
सामान समेटकर सस्पेंड छात्रों ने कैंपस छोड़ा
रैगिंग के आरोप में सस्पेंड किए गए 22 छात्रों में से करीब 14 छात्रों ने हॉस्टल से अपना सामान समेटकर कैंपस छोड़ दिया है। जबकि कुछ छात्रों के सामान अभी भी हॉस्टल में पड़े हैं।
साथियों में गम और गुस्सा
रैगिंग के आरोप में जिन छात्रों को सस्पेंड किया गया है उनके साथियों में गम और गुस्सा दोनों ही देखने को मिल रहा है। छात्र अपना दर्द फेसबुक के जरिए बयां कर रहे हैं।