आईआईटी कानपुर, बॉम्बे और दिल्ली के सहयोग से लद्दाख में युवाओं का स्टार्टअप कराने की तैयारी है। वहां खाद्य प्रसंस्करण, हस्तशिल्प, हथकरघा, वस्त्र, पश्मीना, उभरती प्रौद्योगिकियों और व्यावसायिक क्षेत्रों में उद्यमिता विकास की रूपरेखा विकसित की जाएगी। इसका जायजा लेने के लिए तीनों संस्थानों के अधिकारियों ने आठ मई को लद्दाख का दौरा कर वहां के 40 उद्यमियों से विचार विमर्श किया। सभी अधिकारी लेह और कारगिल स्थित इंक्यूबेशन सेंटर भी गए। आईटीआई, पॉलिटेक्निक छात्रों और एलीएजर जोल्डन मेमोरियल कॉलेज में शिक्षकों से बातचीत की।
आईआईटी दिल्ली के केमिकल इंजीनियरिंग के प्रो. अनिल वर्मा, आईआईटी दिल्ली के डॉ. अनिल वाली, आईआईटी कानपुर के बायो इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अमिताभ बंद्योपाध्याय और अन्य अधिकारी लद्दाख गए। उद्यमियों ने लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के प्रति संवेदनशील तकनीकों को विकसित करने में सहयोग की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। प्रसंस्करण प्रौद्योगिकियों, भंडारण, पैकेजिंग और विपणन पर विशेषज्ञों के साथ चर्चा हुई। क्षेत्र में प्रभावी समाधानों के विकास के लिए विभिन्न समस्याओं की भी पहचान की।