कानपुर। देश के फार्मास्युटिकल क्षेत्र को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से आईआईटी के स्टार्टअप इनक्यूबेशन और इनोवेशन सेंटर (एसआईआईसी) और राष्ट्रीय औषधीय शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (नाइपर) रायबरेली के सहयोग से शुक्रवार को अमृतव कोहोर्ट 2 का शुभारंभ किया गया। इस पहल के तहत पांच विजेताओं को 36 लाख रुपये की अनुदान सहायता प्रदान की गई। नई दिल्ली स्थित शास्त्री भवन में औषधि विभाग के सचिव मनोज जोशी ने इसे लांच किया।
अमृतव बोह्रिंगर इंगेलहाइम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की सीएसआर समर्थित पहल है। कोहोर्ट 2 के अंतर्गत तीन संकाय सदस्यों को आठ-आठ लाख रुपये और दो शोधार्थियों को छह-छह लाख रुपये की अनुदान राशि दी गई। वित्तीय सहायता के साथ चयनित विजेताओं को संरचित मार्गदर्शन, विनियामक सहायता, बौद्धिक संपदा समर्थन और बाजार-प्रवेश संबंधी परामर्श भी प्रदान किया जाएगा। अमृतव कार्यक्रम औषधि खोज, फॉर्मुलेशन विकास और उन्नत औषधि वितरण प्रणालियों जैसे क्षेत्रों पर केंद्रित है।