वेलेंटाइन डे पर मंगेतर खफा तो आईआईटी की टेक्नीशियन ने खुदकुशी कर ली। घटना से कुछ देर पहले फोन पर मंगेतर से विवाद हुआ था। टेक्नीशियन का शव कमरे में फंदे से लटका मिला। डायरी के फटे मिले पन्नों में लिखा था। मंगेतर की कॉल नहीं उठा सकी तो वो गुस्सा हो गए।
कानपुर में वेलेनटाइन डे पर फोन न उठा पाने से मंगेतर के खफा होने से आहत आईआईटी की जूनियर टेक्नीशियन अंजू कुमारी (26) ने दुनिया छोड़ दी। पुलिस व सुरक्षाकर्मी को उनका शव बंद कमरे में फंदे से लटका मिला जिसे कुंडी तोड़कर निकाला गया।
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फॉरेंसिक टीम को कमरे से डायरी के कुछ फटे हुए पन्ने मिले जिसमें अंजू ने मंगेतर प्रताप की कॉल न उठा पाने से उनके गुस्सा होने की बात लिखी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मूलरूप से झारखंड के जादूगोड़ा की अंजू कुमारी केमिस्ट्री विभाग में जूनियर टेक्नीशियन थीं। वह संस्थान के टाइप वन के 102 कमरे में रह रही थीं। शनिवार को छुट्टी होने की वजह से वह घर पर ही थीं। डीसीपी पश्चिम के मुताबिक पुलिस को दोपहर 12 बजे अंजू के खुदकुशी करने की जानकारी हुई।
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मौके पर पहुंचकर जांच की गई। पता चला कि सुबह 11:28 बजे अंजू के मंगेतर बिहार के औरंगाबाद निवासी प्रताप पासवान ने आईआईटी के केमिस्ट्री विभाग स्टाफ सूरज को कॉल की थी। प्रताप ने उन्हें अंजू के गुस्सा होकर जान देने की बात कहने की जानकारी दी।
सूरज ने अपने भाई सुरेश को अंजू के कमरे पर भेजा लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। संस्थान के निजी सुरक्षाकर्मियों को बुलाया गया। उन्होंने पुलिस को सूचना दी तब अंजू के खुदकुशी करने का पता चला। पुलिस ने घरवालों ने घटना की जानकारी दे दी। परिजन झारखंड से निकल चुके हैं।
डेढ़ वर्ष पूर्व जुड़वां भाई ने दी थी जान
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि पड़ोसियों से बातचीत में पता चला है कि अंजू का जुड़वां भाई भी था। उसने डेढ़ साल पहले आत्महत्या कर ली थी। घटना के बाद से अंजू दुखी थी। वह संस्थान में तीन साल से रह रही थी। स्टाफ के लोगों से उसका व्यवहार अच्छा था। किसी तरह से मानसिक परेशानी में होने की जानकारी नहीं हुई है।
शादी की चल रही थी तैयारी
कल्याणपुर इंस्पेक्टर संतोष कुमार सिंह ने बताया कि प्रताप कुमार उड़ीसा में पाॅवर ग्रिड कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में जूनियर इंजीनियर हैं। अंजू की उनसे सगाई बीते साल सितंबर में हुई थी। घर में शादी की तैयारियां चल रही थीं। यह जानकारी स्टाफकर्मियों को भी थी। अक्सर स्टाफ की महिलाएं अंजू से प्रताप के बारे में जानकारी किया करती थीं।
वह मंगेतर की कॉल नहीं उठा सकी...
डीसीपी पश्चिम के मुताबिक कमरे के अंदर डायरी के फटे हुए पन्ने मिले हैं। उनको पढ़ने से पता चला है कि अंजू को अपनी दिनचर्या को डायरी में लिखने की आदत थी।
पन्ने में लिखा हुआ है... प्रताप की कॉल आई थी लेकिन हम उठा नहीं सके। उनको कॉल की तो वह बहुत शाउट (चिल्लाना) करने लगे। कहा कि वह मां से बात कराना चाहते थे। इसके बाद अन्य बातें लिखी हैं। डीसीपी ने बताया कि मंगेतर को भी बुलाया गया है।