इसके बाद शुक्रवार को इंस्टीट्यूट प्रशासन में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने मामले को इंटर्नल कंम्प्लेंट्स कमेटी (आईसीसी) को सौंप दिया। मामले की जांच चल रही है। उधर आईआईटी प्रशासन ने शनिवार को प्रोफेसर को शैक्षणिक कार्यों से हटा दिया।
कहा गया है कि जब तक मामले की जांच चल रही है, वे क्लास नहीं ले सकते। छात्रा ने मामले की शिकायत फ्रांस दूतावास में भी की थी। इसके चलते फ्रांस से लेकर यहां के भी विदेश मंत्रालय में हड़कंप मच गया। दोनों ने ही मामले की रिपोर्ट भी तलब की है।
मामला बेहद गंभीर है। जांच रिपोर्ट में अगर आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित प्रोफेसर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच पूरी होने तक आरोपी प्रोफेसर को शैक्षणिक कार्यों से हटा दिया गया है।
प्रो. मणिंद्र अग्रवाल, उप निदेशक, आईआईटी कानपुर