हर बार बोला कि सबके सामने माफी मांग लो, माफ कर दूंगी...
इतना सब कुछ होने के बाद भी मैंने हर बार बोला कि सभी के सामने माफी मांग लो और सच कुबूल कर लो। मेरे संस्थान के सामने और मेरे दोस्तों के सामने जो गलत किया है उसे मान लो, लेकिन वह नहीं माना। उलटा मुझे ही पागल करार कर दिया।
एफआईआर की बात पर रोया था मोहसिन
मैंने उसे बताया था कि मैं आपके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने जा रही हूं। यह सुनकर वह मुझसे मिलने आया था, लेकिन मैंने दरवाजा नहीं खोला। अगर दरवाजा खोल देती तो उस दिन भी वह मुझे मैन्युप्लेट कर लेता। वह रोता रहा, लेकिन मैंने मन पक्का कर लिया था।
परिवार, संस्थान मेरे साथ
मैं अपने परिवार का भरण पोषण करती हूं। अपना घर बनवा रही हूं, मुस्लिम से शादी करने में कोई परेशानी न होती। मेरे आईआईटी संस्थान ने मुझे अपनी बेटी मानकर मेरा पूरा सहयोग किया और अभी भी कर रहा है।
जितनी गलती की है उतनी सजा, उससे ज्यादा भी न मिले
पीड़िता ने कहा कि जितनी गलती मोहसिन ने की है, उसे उतनी ही सजा मिले। उससे ज्यादा भी न मिले। कोर्ट पर पूरा भरोसा है। उनका जो भी फैसला होगा वह मंजूर होगा। बस एक बार लाइ डिटेक्टर टेस्ट कराना चाहती हूं ताकि पता चले कि जितने समय साथ थे, उस दौरान उन्होंने क्या वाकई मुझसे झूठ बोला है।
पीएचडी में लिखाया आईपीएस, हैं पीपीएस
पीड़िता ने कहा कि पीएचडी में फार्म भरने के दौरान उन्होंने खुद को आईपीएस शो किया, लेकिन अब पता चल रहाहै कि वह पीपीएस अधिकारी है। यहां पर भी उन्होंने झूठ बोला। मोहसिन मुझे अच्छे से जानता है कि न कभी मैं झूठ बोलती और न ही किसी से डरती। उनके आने से पहले मैं कई पुलिस ऑफिसर के साथ काम भी कर रही थी। फिर उन्होंने इतना बडृा गेम खेला।
ये था पूरा मामला
एसीपी साइबर क्राइम व कलक्टरगंज मोहम्मद मोहसिन खान पर आईआईटी से पीएचडी कर रही एक युवती ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने का आरोप लगाते हुए कल्याणपुर थाने में गुरुवार को केस दर्ज कराया था। युवती का आरोप है कि शादीशुदा होने के बावजूद एसीपी ने खुद को अविवाहित बताकर नजदीकियां बढ़ाईं। फिर शादी का झांसा देकर उसका यौन शोषण करते रहे।
साइबर क्राइम की भी जिम्मेदारी संभाल रहा था मोहसिन
आला अधिकारियों ने मामले की जांच एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह की अध्यक्षता वाली विशेष जांच टीम (एसआईटी) को दे दी है। साथ ही मोहसिन को लखनऊ स्थित पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है। मूलरूप से लखनऊ के रहने मो. मोहसिन खान 2013 बैच के पीपीएस अफसर है। 12 दिसंबर 2023 से वह कानपुर में तैनात थे। केस दर्ज होने से पहले तक मोहसिन एसीपी कलक्टरगंज के साथ साइबर क्राइम की भी जिम्मेदारी संभाल रहे थे।
शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने लगे
जानकारी के अनुसार जुलाई 2024 में मोहसिन ने आईआईटी से साइबर क्राइम इन्वेस्टिगेशन एंड साइबर क्रिमिनोलॉजी से पीएचडी शुरू की। पढ़ाई के दौरान एसीपी का संपर्क वहीं पर पीएचडी कर रही पश्चिम बंगाल के जलपाईगुड़ी की रहने वाली दूसरे धर्म की युवती से हुआ। युवती का आरोप है कि मोहसिन ने शादीशुदा होते हुए भी खुद को कुंवारा बता नजदीकियां बढ़ाईं और शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाने लगे।
आईआईटी प्रबंधन से शिकायत की
युवती को जब मोहसिन के शादीशुदा होने की जानकारी मिली तो उसने इसका विरोध किया। इस पर मोहसिन ने उसे पत्नी से जल्द तलाक होने पर शादी का आश्वासन देकर रिलेशन में जुड़े रहने को कहा। दो दिन पहले युवती ने मोहसिन की पत्नी से फोन पर संपर्क किया। मोहसिन की पत्नी ने वैवाहिक जीवन अच्छी तरह से चलने की बात कही। सूत्रों के अनुसार जब युवती ने एसीपी से सवाल किया, तो एसीपी ने उसके बारे में गलतबयानी शुरू कर दी, जिसके बाद उसने पहले आईआईटी प्रबंधन से शिकायत की।
एसआईटी को जांच विस्तृत सौंपी गई
फिर गुरुवार दोपहर कल्याणपुर थाने पहुंचकर एसीपी के खिलाफ तहरीर दे दी। अपने ही एसीपी की खिलाफ तहरीर मिलने पर थाना प्रभारी ने उच्चाधिकारियों से संपर्क किया और उनके निर्देश पर केस दर्ज कर लिया। अधिकारियों ने पहले तो एसीपी को तत्काल पुलिस मुख्यालय लखनऊ से संबद्ध कर दिया। फिर डीसीपी साउथ अंकिता शर्मा ने आईआईटी पहुंचकर प्रारंभिक जांच कर उसके बयान दर्ज किए। अब एडीसीपी ट्रैफिक अर्चना सिंह के नेतृत्व वाली एसआईटी को जांच विस्तृत सौंपी गई है।