आईआईटी कानपुर के 50वें दीक्षांत समारोह का दूसरा और आखिरी दिन भी भव्य अंदाज में आयोजित हुआ, दीक्षांत समारोह के दूसरे दिन परास्नातक के छात्रों को डिग्रियां दी गई । कुर्ता-पैजामा और कंधे पर स्टोल रख पारंपरिक अंदाज में परास्नातक के 945 आईआईटीयंस को डिग्री दी गई। इनमें इस बार रिकार्ड 160 छात्रों को पीएचडी अवार्ड की गई। कई छात्रों को अवार्ड और मेडल भी दिया गया। बेस्ट थीसिस लिखने के लिए फोटॉनिक साइंस एंड इंजीनियरिंग से एमटेक-एमएस की पढ़ाई पूरी करने वाली चंचल को कैडेंस गोल्ड मेडल से नवाजा गया। कैडेंस सिल्वर मेडल कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग की छात्रा रहीं ऋचा सिंह को दिया गया। गुजैनी की प्रिया गुप्ता को श्रीमती शशी पुंडेर मेमोरियल मेडल से सम्मानित किया गया। एयरोस्पेस इंजीनियरिंग से एमटेक किए विग्नेश्वरन के. को डॉ.शंकर दयाल शर्मा मेडल, कश्मीर के मीर फैजान उल हक को प्रो. एएसआर साईं मेमोरियल गोल्ड मेडल मिला। इसके अलावा भी बड़ी संख्या में अवार्ड छात्रों को दिया गया।
दूसरे दिन मुख्य अतिथि के तौर पर नेशनल एकेडमी ऑफ इंजीनियरिंग के प्रेसिडेंट डॉ.क्लेटॉन डेनियल मोट जूनियर रहे। अध्यक्षता बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. गिरीश चंद्र त्रिपाठी ने की। डायरेक्टर प्रो. इंद्रनील मन्ना, डीन एकेडमिक प्रो. नीरज मिश्रा, रजिस्ट्रार डॉ. केके तिवारी, डीन स्टूडेंट वेलफेयर प्रो. ए आर हरीश, प्रो. संदीप शुक्ला आदि मौजूद रहे।
बच्चों की खुशी में शामिल हुए परिजन
डिग्री लेने आए आईआईटीयंस के इस खुशी उनके परिजन भी शामिल हुए। कोई चेन्नई से पहुंचा था तो कोई हरियाणा से। किसी ने मुंबई से आकर अपने बच्चे को आशीर्वाद दिया तो किसी ने गुवाहाटी से। समारोह समाप्त होने के बाद छात्र-छात्राएं अपने मां-बाप के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए।
नंबर गेम :
कुल दी गई पीजी डिग्री : 945
ब्वायज : 794
गर्ल्स : 151
पीएचडी : 160
एमटेक : 481
एमबीए 34
एमडेस : 24
एमएससी (दो वर्षीय) : 137
एमएससी (पांच वर्षीय) : 02
एमएस : 67
वीएलएफएम : 40