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Kanpur News: रामादेवी और टाटमिल चौराहे पर आईआईटी के विशेषज्ञ खोज रहे जाम लगने का कारण

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कानपुर। शहर में लोगों को जाम से निजात दिलाने की कवायद तेज हो गई है। इसके लिए शहर की पुलिस आईआईटी के विशेषज्ञों मदद ले रही है। पहले चरण में विशेषज्ञ रामादेवी और टाटमिल चौराहे पर जाम की असली वजह का अध्ययन करेंगे।
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आवश्यकता पड़ी तो चौराहों के स्वरूप में बदलाव और एकल मार्ग की व्यवस्था की जा सकती है। इस काम में आठ विशेषज्ञों की टीम लगी है, जिसने शनिवार से काम भी शुरू कर दिया है।

शहर के प्रमुख चौराहों और सड़कों पर सुबह-शाम वाहनों का दबाव इतना बढ़ जाता है कि हर रोज लोगों को जाम से जूझना पड़ता है। कमिश्नरी पुलिस की तरफ से पिछले महीने आईआईटी कानपुर के साथ साइबर सिक्योरिटी से लेकर स्मार्ट ट्रैफिक मैनेजमेंट को लेकर तीन साल के लिए करार हुआ था।
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इसमें कमिश्नरी पुलिस ने शहर में जाम की दिक्कतों को दूर करने का आग्रह आईआईटी से किया था। इसी के तहत कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अमेय करकरे और उनकी टीम ने शनिवार को टाटमिल और रामादेवी चौराहे का अध्ययन किया।

इस टीम में सिविल के साथ ही मैकेनिकल और अन्य विभागों के विशेषज्ञ शामिल हैं। विशेषज्ञ चौराहों पर इंजीनियरिंग की दिक्कतें और जाम लगने के कारणों को खोजेंगे। यहां लगे टाइमर को ऑटोमैटिक चलाने की आवश्यकता है या फिर मैनुअली, इस पर भी जांच की जाएगी।

किस वक्त वाहनों का कितना दबाव, लेंगे जानकारी
रामादेवी और टाटमिल चौराहे पर 24 घंटे में आवागमन करने वाले दो व तीन पहिया वाहन, कार, ट्रक, डंफर, बस आदि की सटीक संख्या का अध्ययन किया जाएगा। प्रत्येक मिनट, आधे घंटे और एक घंटे में कितने वाहन गुजरते हैं, इसकी भी जानकारी एकत्र की जाएगी।

इन पहलुओं पर होगी जाएगी जांच
- प्रयागराज, लखनऊ, जरीब चौकी, यशोदानगर से आने वाले वाहनों की संख्या देखी जाएगी।
- रोडवेज बसों की आवाजाही के लिए नई व्यवस्था क्या अपनाई जा सकती है।
- चौराहे पर किस तरफ से वाहनों की संख्या सबसे अधिक होती है।

- बाबूपुरवा से सेंट्रल स्टेशन जाने वालों के लिए क्या व्यवस्था की जा सकती है।
- रामादेवी और टाटमिल चौराहे के पास ट्रैफिक प्रबंधन क्या हो सकता है।



पुलिस के साथ आईआईटी कानपुर के विशेषज्ञों ने काम शुरू कर दिया है। प्रथम चरण में जरीब चौकी और टाटमिल चौराहे पर विशेषज्ञों की आठ सदस्यीय टीम जाम लगने के कारणों का अध्ययन करेगी। इसके अनुसार ट्रैफिक प्रबंधन पर कार्य होगा।
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- अंजलि विश्वकर्मा, एडीसीपी क्राइम
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