3072 मामलों में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं दिखे
लेकिन जनवरी माह में 130 में 118 अंक हासिल हुए, लेकिन जिले की रैकिंग 53वें स्थान पर रही। यानी शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता में काफी सुधार करने की जरूरत हैं। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी माह में 5076 शिकायतों का फीडबैक लिए गए, जिसमें 3072 मामलों में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं दिखे। यही नहीं 2380 मामलों में ही अधिकारियों ने स्पेशल क्लोज किया गया। उसमें भी 692 असंतोष मिले।
अफसरों को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश
यही नहीं जनवरी माह में 267 शिकायतें डिफाल्टर में रहीं जिनका अफसरों ने निस्तारण ही नहीं किया। जिले की रैकिंग अक्तूबर माह से लगातार खराब आ रही है। काफी प्रयास के बाद दिसंबर माह में 49वीं रैंक हासिल हुई थी। इससे पहले खराब रैकिंग मिलने के कारण तत्कालीन जिलाधिकारी ने सभी लापरवाह अफसरों को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जनवरी माह में रैकिंग चार अंक पिछड़ गई।