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IGRS Ranking: नंबर बढ़े…लेकिन रैंकिंग में लुढ़ककर 53वें स्थान पर आई, दिसंबर में 115 तो जनवरी में मिले 118 अंक

Wed, 05 Feb 2025 11:24 AM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

Kanpur News: रिपोर्ट के अनुसार जनवरी माह में 5076 शिकायतों का फीडबैक लिए गए, जिसमें 3072 मामलों में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं दिखे। यही नहीं 2380 मामलों में ही अधिकारियों ने स्पेशल क्लोज किया गया। उसमें भी 692 असंतोष मिले।
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जनसुनवाई - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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आईजीआरएस पोर्टल पर शिकायत निस्तारण में कानपुर लगातार पिछड़ रहा है। दिसंबर माह में रिपोर्ट में सुधार होने पर 49वीं रैंक हासिल हासिल हुई थी। जब कि जनवरी माह में दिसंबर माह से तीन अंक ज्यादा हासिल हुए इसके बाद भी रैंकिंग 53वें स्थान पर पहुंच गई। यानी चार अंक जिला पिछड़ गया। रैंक को देखकर जिले की स्थिति बेहतर नहीं कही जा सकती है।

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जनता की शिकायतों को प्राथमिकता और गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारण करने की विभागवार समीक्षा सीएम कार्यालय से प्रत्येक माह की जाती है। जिसमें गुणवत्तापूर्ण तरीके से शिकायत निस्तारण में प्रत्येक जिले को अंक के साथ रैंक भी निर्धारित की जाती है। दिसंबर महीने में जिले को आईजीआरएस में 130 में 115 अंक प्राप्त हुए थे। जिसमें 88.46 प्रतिशत शिकायत निस्तारण पर जिले को 49वीं रैंक हासिल हुई थी।

3072 मामलों में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं दिखे
लेकिन जनवरी माह में 130 में 118 अंक हासिल हुए, लेकिन जिले की रैकिंग 53वें स्थान पर रही। यानी शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता में काफी सुधार करने की जरूरत हैं। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी माह में 5076 शिकायतों का फीडबैक लिए गए, जिसमें 3072 मामलों में शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं दिखे। यही नहीं 2380 मामलों में ही अधिकारियों ने स्पेशल क्लोज किया गया। उसमें भी 692 असंतोष मिले।
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अफसरों को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश
यही नहीं जनवरी माह में 267 शिकायतें डिफाल्टर में रहीं जिनका अफसरों ने निस्तारण ही नहीं किया। जिले की रैकिंग अक्तूबर माह से लगातार खराब आ रही है। काफी प्रयास के बाद दिसंबर माह में 49वीं रैंक हासिल हुई थी। इससे पहले खराब रैकिंग मिलने के कारण तत्कालीन जिलाधिकारी ने सभी लापरवाह अफसरों को नोटिस जारी कर सख्त निर्देश दिए थे। इसके बाद भी जनवरी माह में रैकिंग चार अंक पिछड़ गई।
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