रूरा (कानपुर देहात)। नियमों को दरकिनार कर नगर की सड़कों पर बैखौफ होकर ऑटो दौड़ रहे हैं। कहीं क्षमता से अधिक सवारी बैठाई जा रही हैं तो कहीं चालक सवारियों को ऑटों में लटका ले रहे हैं। इससे हादसे का खतरा बना हुआ है। इसके बाद भी जिम्मेदार अनजान हैं।
अकबरपुर में मुख्यालय, मेडिकल काॅलेज व कलक्ट्रेट कार्यालय होने की वजह से लोग रूरा व अन्य स्थानों से यहां आते हैं। ऐसे में सुबह से ही अकबरपुर पुल के नीचे व माती रोड पर ऑटो की लाइन लग जाती है। गर्मी होने की वजह से लोग भी पैदल यात्रा न कर इन्हीं से ही जाना पसंद करते हैं। इसका फायदा उठाकर ऑटो चालक नियमों को दरकिनार कर अधिक मुनाफा कमाने के चक्कर में मानक से अधिक सवारी बैठा लेते हैं। जबकि चौराहे पर तैनात यातायात कर्मी सब देखते रहते हैं।
मानकों का ख्याल किए बिना 10 से 12 सवारियां भरकर सबकी जान जोखिम में डालते हुए नगर से लेकर हाईवे तक आराम से चलते हैं। शुक्रवार को भी ऐसा ही नजारा देखने को मिला। दोपहर करीब दो बजे माती की तरफ से आने वाली सवारी का चालक बैग लेकर आया और करीब 10 सवारी बैठा कर चलता बना। जबकि वहीं पास में खड़े पीआरडी के जवान सब देखते रहे। वहीं, ओवरब्रिज के नीचे खड़े यातायात कर्मी आपस में बात करने में मशगूल रहे। कुछ यही स्थिति रूरा में अकबरपुर रोड बस स्टैंड पर देखने को मिली। जिसमें सवारी बाहर तक लटक सफर करती दिखाई दीं।
सवारियां अधिक होने की वजह से चालक को हैंडिल मोड़ने में दिक्कत हो रही थी, लेकिन थोड़े पैसे के लालच में वह सवारियों को संकट में डालने से नहीं चूका और जैसे-तैसे ऑटो लेकर आगे बढ़ गया। इन चालकों को पांच सवारी बैठाकर चलने की अनुमति आरटीओ से मिलती है, लेकिन 10 से 12 सवारी तक बैठाकर ही ऑटो फर्राटा भर रहे हैं।
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वर्जन...........
मानक से अधिक सवारी बैठाने वाले ऑटो चालकों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। साथ ही सवारियों को भी जागरूक होने की आवश्यकता है। ऐसे वाहनों से यात्रा नहीं करनी चाहिए, जिनमें मानक से अधिक सवारी बैठी हों। - राम बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी