कानपुर में डायबिटीज या किसी रोगी को सीने में तेज दर्द उठे तो अस्पताल अपनी कार से न जाएं, तुरंत एंबुलेंस बुलाएं। इससे एंबुलेंस में उसे प्राथमिक उपचार मिल सकता है। अपनी कार से जाने में खतरा यह है कि अगर हार्टअटैक पड़ा तो अस्पताल पहुंचने के पहले जान जा सकती है।
रविवार को कानपुर डायबिटीज एसोसिएशन के बैनर तले आयोजित केडीएकॉन-2021 में विशेषज्ञों ने इंटीग्रेटेड हार्ट अटैक केयर ऑफ सिटी की जरूरतें बताईं। केडीएकॉन का आयोजन सिविल लाइंस स्थित एक होटल में किया गया। कॉन्फ्रेंस में इंदौर से आए विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप गुप्ता ने बताया कि सीने में दर्द स्ट्रेस का भी होता है और हार्ट अटैक का संकेत का भी है।
उन्होंने युवा फिल्म स्टार को हार्ट अटैक पड़ने का उदाहरण देते हुए बताया कि बहुत अधिक जिम करने से भी हृदय में विद्युत प्रवाह एकदम से कम हो जाता है। इससे भी दिक्कत हो जाती है। उन्होंने मशविरा दिया कि हर व्यक्ति को अपना कोलेस्ट्राल, बीपी वगैरह याद रखना चाहिए और सीपीआर पद्धति जाननी चाहिए।
आर्गेनाइजिंग चेयरमैन वरिष्ठ मधुमेह रोग विशेषज्ञ डॉ. नंदिनी रस्तोगी ने डायबिटीज में इंसुलिन की अहमियत के संबंध में बताया। केजीएमयू लखनऊ के प्रोफेसर कौसर उसमान ने नई दवाओं के संबंध में जानकारी दी। इसके अलावा जमशेदपुर के डॉ. अनिल विरमानी, हैदराबाद के डॉ. केवीएस हरि कुमार ने जानकारी दी। कॉन्फ्रेंस में 12 व्याख्यान दिए गए। इस मौके पर साइंटिफिक चेयरमैन डॉ. बृज मोहन, डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, डॉ. पीसी वाजपेयी आदि मौजूद रहे।