आगजनी में घर जलने से परेशान एक ग्रामीण के सरकारी मदद मांगने पर लेखपाल ने उसे ट्रक के नीचे आकर मर जाने की सलाह दे डाली। इसमें पांच लाख का मुआवजा भी मिलने की बात कही। इस बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया में वायरल है। हालांकि, संवाद न्यूज एजेंसी वायरल ऑडियो की पुष्टि नहीं करती है।
ब्लॉक चरखारी के चंदौली गांव में एक दिसंबर को आगजनी की घटना में शिवप्रसाद और चंद्रपाल अहिरवार के घरों में आग लग गई थी। पीड़ितों ने इस घटना में करीब साढ़े तीन लाख रुपये का नुकसान होने का दावा किया था। मामले की सूचना पर पहुंचे लेखपाल रामकुमार ने नुकसान का आंकलन करते हुए रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी लेकिन पीड़ितों को कोई सरकारी मदद नहीं मिली। मंगलवार को पीड़ित शिवप्रसाद के बेटे राघवेंद्र ने लेखपाल रामकुमार को फोन करके सरकारी मदद के बारे में जानकारी मांगी। इस बातचीत के वायरल ऑडियो में लेखपाल कह रहे हैं कि आगजनी के मामले में केवल चार हजार रुपये की सहायता ही मिलेगी। इससे ज्यादा मदद नहीं मिल सकती, चाहे वह इसके लिए जो कुछ कर ले। इस पर राघवेंद्र ने ज्यादा मदद पाने के लिए कोई रास्ता बताने का लेखपाल से अनुरोध किया तो लेखपाल ने सलाह दी कि यदि कोई ट्रक निकल रहा हो तो उसके नीचे अपनी मोटरसाइकिल लेकर घुस जाए। इससे जब उसकी मौत हो जाएगी तो पांच लाख रुपये की सरकारी मदद मिल जाएगी। दोनों के बातचीत का यह ऑडियो वायरल हो गया।
मामले में लेखपाल रामकुमार का कहना कि आगजनी में हुए नुकसान की रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। राघवेंद्र को पहले भी बताया था कि आगजनी में चार हजार रुपये से अधिक नहीं मिलेगा लेकिन वह फोन करके बार-बार परेशान कर रहा था। इसलिए सड़क दुर्घटना में ज्यादा मुआवजा मिलने संबंधी शासनादेश की जानकारी बता दी। उधर, चरखारी तहसीलदार रामानंद मिश्रा का कहना है कि मामला संज्ञान में आया है। वायरल ऑडियो की जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।