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Kanpur News: कटे-फटे टायर से हादसे का शिकार हुई रोडवेज बस तो नपेंगे जिम्मेदार

Fri, 29 May 2026 01:59 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कानपुर
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कानपुर देहात। भीषण गर्मी से सड़कें तप रही हैं। ऐसे में रोडवेज बसों के टायर को नुकसान हो रहा है। बसों में पुराने कटे-फटे टायर यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा बन गए हैं। परिवहन निगम ने टायरों की जांच के लिए दिशा निर्देश जारी किए गए हैं। साथ ही कहा गया है कि गड़बड़ टायर के चलते यदि कोई हादसा होता है तो संबंधित पर कार्रवाई तय मानी जाएगी।
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भीषण गर्मी में रोडवेज बसों के टायर बीच रास्ते में दगा दे रहे हैं। जिससे हादसों का खतरा बढ़ गया है। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए परिवहन निगम प्रशासन ने वर्कशॉप को अलर्ट मोड पर डाल दिया है। सेवा प्रबंधक, सहायक सेवा प्रबंधक व फोरमैन को निर्देश दिए गए हैं कि बसों के टायरों की आठ मुख्य बिंदुओं अनिवार्य जांच की जाए। प्रधान प्रबंधक प्राविधिक को ओर से जारी पत्र में सेवा प्रबंधक को बसों में लगे टायरों की जांच के संबंध में दिशा-निर्देश भेजे हैं।
मौजूदा समय में वायुमंडल का तापमान अधिकतम है। ऐसे मौसम में टायर से संबंधित ब्रेकडाउन की संभावना बनी रहती है। पत्र में कहा गया है कि बढ़ते ताममान के कारण टायर फटने की घटनाओं पर प्रबंध निदेशक ने सख्त नाराजगी जताई है। उन्होंने चेतावनी दी है कि टायर संबंधी किसी प्रकार की घटना या ब्रेकडाउन मामले में दोषी अधिकारी बख्शे नहीं जाएंगे। बता दें कि 22 मई को मेरठ-शामली मार्ग पर मेरठ डिपो की एक बस का पिछला टायर फटने से बस का फर्श टूट गया, जिसमें एक यात्री गंभीर रूप से जख्मी हो गया। ऐसी ही घटना लखनऊ-दिल्ली मार्ग पर भी सामने आ चुकी है। इन हादसों तो देखते हुए ये सख्ती की गई है।
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केस- एक
कानपुर-लखनऊ मार्ग पर चलने वाली माती डिपो की बस संख्या यूपी 78 जेटी 7160 करीब पांच दिन पहले लखनऊ से वापसी के दौरान रायपुर के पास पंक्चर हो गई। चालक व परिचालक ने पास में ही पंक्चर की दुकान पर टायर को सही कराया। तब जाकर बस अपने गंतव्य को रवाना हो सकी लेकिन इस दौरान करीब एक घंटे तक बस में बैठे यात्री गर्मी में परेशान होते रहे।
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केस- दो
कानपुर-लखनऊ मार्ग पर ही चलने वाली माती डिपो बस संख्या यूपी 78 एचटी 7492 लखनऊ से वापसी के दौरान बृहस्पतिवार को किसान नगर के पास पंचर हो गई। हालांकि चालक-परिचालक ने तत्परता दिखाते हुए स्टेपनी में रखे टायर को बदला और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया। इसके बाद वर्कशॉप में पहुंचने पर टायरों की जांच कर कमियों को दूर किया गया।
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बयान
डिपो से निगम की 46 बसें संचालित हो रही हैं। संचालन से पूर्व सभी बसों की आठ बिंदुओं पर जांच के बाद ही बसें रूट पर भेजी जा रही है। इसके अलावा चलकर वापस आने वाली बसों के टायरों की स्थिति का जायजा लिया जा रहा है। - मोहम्मद अशफाक, एआरएम, माती डिपो
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इन आठ बिंदुओं की होगी जांच-
- टायर की ट्रेड गहराई : टायरों की ग्रिप या खांचों की गहराई की जांच करना ताकि ब्रेक लगाने पर गाड़ी फिसले नहीं।
- कटे-फटे टायर : टायरों में किसी भी प्रकार के कट, दरार या बाहरी चोट की जांच।
- टायर का असामान्य घिसाव : टायर के एक तरफ से ज्यादा या असमान रूप से घिसने की जांच।
- हवा का दबाव : निर्माता से निर्धारित मानक के अनुसार टायरों में सही पीएसआई (हवा) की जांच
- टायर का फूला होना : टायर के किसी हिस्से से असामान्य रूप से बाहर उभरने या फूलने (गुब्बारे जैसा बनने) की जांच।
- वाल्व और कैप : हवा भरने वाले वाल्व की स्थिति और उसके ढक्कन (कैप) ठीक से लगे हैं या नहीं इसको सुनिश्चित करना।
- पहिया अलाइनमेंट : टायरों का संतुलन सही है या नहीं ताकि गाड़ी चलते समय एक तरफ न भागे और टायर ज्यादा न घिसे।
- टायरों की रिम व नट : पहियों के रिम में जंग, दरार या ढीले नट-बोल्ट की की जांच सुनिश्चित करना।
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