कानपुर देहात। भोगनीपुर क्षेत्र के पुखरायां कस्बे के मोहल्ला कृष्णानगर में करीब साढ़े बारह साल पहले संदिग्ध परिस्थितियों में एक विवाहिता की मौत हो गई थी। मृतका के पिता ने पति समेत सभी ससुरालियों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर पुत्री की हत्या करने का मुकदमा दर्ज कराया था। बुधवार को मामले की सुनवाई कर अपर जिला जज पंचम की अदालत ने पति को दहेज हत्या का दोषी पाते हुए उसे सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। साथ ही अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अन्य चार आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोषमुक्त कर दिया ।
सहायक शासकीय अधिवक्ता संतोष कुमार कटियार ने बताया कि भोगनीपुर क्षेत्र के कपरियान मोहल्ला इंद्रानगर निवासी प्रभू दयाल ने पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी पुत्री संजना उर्फ मिंटू की शादी पुखरायां कस्बे के कृष्णानगर निवासी मनोज के साथ हुई थी। शादी में उसने साढ़े तीन लाख रुपये नगद, बाइक व अन्य सामान दान दहेज में मनोज और उसके परिजनों को दिया था। इसके बावजूद सभी अतिरिक्त दहेज में एक लाख रुपये व बाइक की मांग कर पुत्री को प्रताड़ित कर रहे थे। दो जुलाई 2011 की रात उसकी पुत्री ने उसे फोन पर अतिरिक्त दहेज के लिए पति मनोज, ससुर ओमप्रकाश, सास श्यामा देवी, ननद किरन व देवर प्रदीप द्वारा उसके साथ मारपीट करने की बात बताई। जिस पर उसने अपने पुत्र धर्मेन्द्र को पुत्री की ससुराल भेजा तो दरवाजे से मनोज ने उसे धमकाकर भगा दिया। उसने अपनी पुत्री को कई बार फोन किया जिसका जवाब न मिलने पर सुबह वह पुत्री की ससुराल गया तो उसकी लाश आंगन में पड़ी थी। सभी ससुराली नदारत थे। पुलिस ने मामले की विवेचना करते हुए सभी आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र अदालत में दाखिल किए थे। मामले की सुनवाई अपर जिला जज पंचम दुर्गेश की अदालत में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद आरोपी पति को दोषी ठहराते हुए उसे सात साल के कठोर कारावास कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर तीस हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अन्य चारों आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त कर दिया है।