इटावा। जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी ने महिला की हत्या के मामले में पति को दोषी करार देेते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडे़गा।
जिला शासकीय अधिवक्ता (दंड) शिव कुमार शुक्ला ने बताया कि बसरेहर थानाक्षेत्र के नगला लछी गांव निवासी संतोष कुमार यादव की शादी कानपुर देहात जिले के मंगलपुर थानाक्षेत्र के गांव नगला धंजू गांव की रचना के साथ हुई थी। 12 सितंबर 2020 को रचना की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। भाई अर्जुन यादव ने बहनोई संतोष यादव व उसके परिवार के लोगों पर बहन रचना की हत्या करने का आरोप लगाया था। अर्जुन की तहरीर पर पुलिस ने 27 सितंबर 2020 को संतोष यादव उसके बड़े भाई अशोक, भाभी, छोटे भाई सुधीश कुमार उसकी पत्नी लवली और मां शकुंतला के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज की थी।
पुलिस ने विवेचना के दौरान पति संतोष के अलावा बाकी आरोपियों की नामजदगी को गलत पाया और उन्हें क्लीन चिट दे दी थी। वहीं, संतोष के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया था। इसके बाद संतोष ने कोर्ट में समर्पण कर दिया था। इसके बाद से वह जेल में बंद है। इस मामले की सुनवाई जिला एवं सत्र न्यायाधीश विनय कुमार द्विवेदी की कोर्ट में चल रही थी। कोर्ट ने सरकारी और बचाव पक्ष के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बात संतोष को रचना की हत्या का दोषी माना। उन्होंने संतोष को उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया।