कानपुर देहात। कानपुर निवासी युवती की हत्या के मामले की सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी। बुधवार को अदालत ने सुनवाई करते हुए आरोपी जीजा, साली को दोष सिद्ध करते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।
फतेहपुर के चांदपुर निवासी रामबाबू ने पुलिस को शिकायती पत्र दिया था। जिसमें बताया था कि उसकी बेटी सुनैना की शादी अप्रैल 2017 में रेउना कानपुर निवासी शैलेंद्र के साथ की थी। दोनों पति पत्नी प्रेम से रहते थे लेकिन शादी के कुछ वर्षों बाद उसकी छोटी बेटी मैना के संबंध शैलेंद्र से हो गए। इसके बाद दामाद शैलेंद्र बड़ी बेटी सुनैना को परेशान करने लगा। इसके बाद उसकी हत्या कर दी। उसका शव पांच फरवरी 2024 को यमुना में मिला था। मामले में शिकायत पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। जिसकी सुनवाई एंटी डकैती कोर्ट में चल रही थी।
बुधवार को मामले की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी शैलेंद्र व मैना को दोषी ठहराया था। साथ ही सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 24 जुलाई की तिथि तय की थी। शुक्रवार को अदालत ने पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अभियुक्त शैलेंद्र व उसकी साली मैना देवी को हत्या मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इसके साथ ही 25-25 हजार रुपये अर्थदंड लगाया है।