हरदोई जिले में रिश्तों को तार-तार कर देने वाली और रूह कंपा देने वाली हैवानियत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिस पति के साथ महिला ने सात फेरे लेकर जिंदगी भर साथ निभाने के वचन लिए थे, उसी पति ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। पहले तो मामूली कहासुनी में पत्नी को बुरी तरह पीट-पीटकर अधमरा कर दिया और जब राहगीरों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, तो आरोपी 'बेहतर इलाज' का झांसा देकर अस्पताल से पत्नी को डिस्चार्ज कराकर सीधे बबूल के जंगलों में ले गया। वहां उसने पत्नी के शरीर पर 14 तीखे वार किए और अंत में बेरहमी से गला दबाकर उसे मौत की नींद सुला दिया।
17 साल पुराना रिश्ता और दूसरी औरत का साया
प्राप्त जानकारी के अनुसार, पड़ोसी राज्य बिहार और राजधानी लखनऊ के नाका कोतवाली क्षेत्र (बिरहाना) की रहने वाली 36 वर्षीया कोमल का विवाह करीब 17 वर्ष पूर्व हरदोई जिले के देहात कोतवाली क्षेत्र स्थित कनेहटा गांव निवासी सत्यपाल यादव से हुआ था। सत्यपाल गांव और आसपास के इलाकों में मिठाई बेचने का काम करता है। शादी के बाद दोनों के चार बच्चे हुए और परिवार हंसी-खुशी जीवन यापन कर रहा था।
पति के रोज-रोज के अत्याचार और सौतन के साथ रहने से आहत होकर कोमल अपने सबसे छोटे बच्चे को लेकर संडीला चली गई और वहां किराए पर कमरा लेकर एक प्लाईवुड फैक्टरी में काम करके अपना गुजारा करने लगी। वह समय-समय पर अपने अन्य तीन बच्चों से मिलने कनेहटा आती-जाती रहती थी।
चौराहे पर ही हैवान बन गया पति
घटनाक्रम की शुरुआत बृहस्पतिवार शाम से हुई। कोमल का बड़ा बेटा, जो अपने पिता सत्यपाल के पास गांव में रहता था, उसने अपनी मां को फोन करके कपड़े खरीदवाने के लिए बुलाया। ममता के हाथों मजबूर होकर कोमल तुरंत शहर के लालपालपुर चौराहे पर पहुँची। वहां जैसे ही सत्यपाल को खबर मिली कि कोमल आई हुई है, वह आगबबूला होकर चौराहे पर पहुँच गया।
बेहतर इलाज' का झांसा और खौफनाक षड्यंत्र
अस्पताल में कोमल का प्राथमिक उपचार चल रहा था और वह धीरे-धीरे संभल रही थी। इसी बीच शुक्रवार की देर रात सत्यपाल अपने छोटे भाई सत्यप्रकाश को साथ लेकर अस्पताल के वार्ड में पहुँचा। वहां उसने बेहद हमदर्दी जताते हुए नाटक किया और कहा कि 'यहां सरकारी अस्पताल में सही इलाज नहीं हो रहा है, मैं तुम्हें किसी बड़े प्राइवेट अस्पताल में ले जाकर अच्छा इलाज कराऊंगा।
मंगोलापुर का जंगल और भरोसे का कत्ल
अस्पताल से बाहर निकलते ही दोनों भाई कोमल को किसी डॉक्टर के पास ले जाने के बजाय सीधे मंगोलापुर के घने बबूल के जंगलों की तरफ ले गए। आधी रात के अंधेरे और सन्नाटे में जब कोमल को अपनी जान का खतरा महसूस हुआ, तो उसने शोर मचाने की कोशिश की। लेकिन हैवान बन चुके पति ने अपने भाई के साथ मिलकर उस पर हमला बोल दिया।
फॉरेंसिक जांच में हुआ बड़ा खुलासा
शनिवार की सुबह जब गांव का चौकीदार मंगोलापुर के बबूल के जंगलों की तरफ से गुजर रहा था, तो उसने झाड़ियों में एक महिला का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। चौकीदार ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही क्षेत्राधिकारी नगर अजीत चौहान, देहात कोतवाल समर बहादुर पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ मौके पर पहुँचे।
पुलिस ने दोनों आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस की जांच टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी पति सत्यपाल और उसके भाई सत्यप्रकाश को घेराबंदी कर हिरासत में ले लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ में आरोपी पति ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। उसने बताया कि दूसरी महिला के साथ रहने के रास्ते में कोमल रोड़ा बन रही थी और बार-बार पैसों व बच्चों की मांग करती थी, इसलिए उसने साजिश रचकर उसका काम तमाम कर दिया।
उधर, डॉक्टरों के पैनल द्वारा किए गए पोस्टमार्टम में यह बात साफ हुई है कि महिला की हत्या गला दबाकरbकी गई है। इसके अलावा मृतका के चेहरे, सिर, छाती और हाथों पर चोट के 14 गंभीर निशान पाए गए हैं, जो यह दर्शाते हैं कि कत्ल से पहले उसके साथ कितनी दरिंदगी की गई थी।