कल्याणपुर में बने शानदार ऑफिस से किए गए गिरफ्तार
डीसीपी पश्चिम की स्वॉट टीम ने सर्विलांस और साइबर सेल की टीम की मदद से आरोपियों को कल्याणपुर में बने शानदार ऑफिस से इन्हें दबोच लिया। आरोपियों की पहचान हरदोई के सदर कोतवाली निवासी आलोक सिंह, बिल्हौर के दवकली निवासी तनिष्क कटियार, कानपुर देहात के मुंगीसापुर निवासी राजत कटियार, गोविंदनगर के कच्ची बस्ती निवासी राहुल, औरैया के सहार निवासी लोकेंद्र प्रताप सिंह, आगरा के निवोहरा निवासी गोपीचंद्र, फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद निवासी प्रेम कुमार और झारखंड के गिरडी निवासी समृद्धि सिन्हा के रूप में हुई है।
ये सामान हुआ बरामद, सार्वजनिक स्थान पर चस्पा करते थे पर्चे
आरोपियों के पास से 1.13 लाख रुपये कैश, 16 मोबाइल, एक लैपटॉप, पांच चेकबुक, दो क्यूआर कोड, 15 एटीएम कार्ड, 25 सिम कार्ड, दो कार व पर्चे आदि सामान बरामद हुआ है। आरोपियों ने बताया कि वे कानपुर, कानपुर देहात, चित्रकूट, जौनपुर, बांदा, हरदोई, पीलीभीत, बहराइच, मिर्जापुर व आसपास के जिलों में मुद्रा लोन के पर्चे सार्वजनिक स्थलों पर चस्पा कराते थे। जो लोग उनसे संपर्क करते, उन्हें जाल में फांसकर ठग लेते थे। इसके बाद उक्त नंबर बंद कर देते थे।
ठगी की रमक से खरीदे प्लॉट व कार
खुद को मैनेजिंग डायरेक्टर बताने वाले सरगना आलोक ने बताया कि वह अब तक 200 से अधिक लोगों को ठगी के शिकार बना चुके हैं। ठगी की रकम से 10 लाख का सिंहपुर में प्लाॅट और औरैया में 15 लाख की जमीन खरीदी है। इसके अलावा दो महंगी कार भी हैं। पुलिस ने सारी संपत्ति जब्त करने के साथ ही चार बैंक खातों को फ्रीज किया है।
स्नातक पास हैं ठगी के आरोपी
डीसीपी ने बताया कि खुद को प्रधानमंत्री मुद्रा लोन का डायरेक्टर बताने वाला आलोक सिंह बीएससी पास है। वहीं मैनेजर तनिष्क कटियार बीएससी, बीटेक है। इधर सहायक मैनेजर के पद पर कार्यरत रजत कटियार बीएससी, फील्ड ऑफिसर लोकेंद्र बीएससी, गोपीचंद्र 10वीं, समृद्धि सिन्हा बीए पास आउट व पोस्टर चस्पा करने वाला प्रेम कुमार 12वीं पास है।