फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानव तस्करी का मामला: महिला ने बताई दर्द की दास्तां, बोली- ओमान में मुझे शेख को बेचा गया, रोज होती थी दरिंदगी 

Thu, 15 Apr 2021 10:47 AM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उन्नाव

सार

तस्करी का शिकार होकर लौटी उन्नाव निवासी महिला ने बताई दर्द की दास्तां। कहा कि वहां जाते ही छीन लिया गया था वीजा और पासपोर्ट, विरोध पर बेल्टों से पीटा।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

11 फरवरी 2021 को ओमान से लौटी उन्नाव निवासी एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी कालोनी में रहने वाली महिला के घर कर्नलगंज निवासी मुजम्मिल और अति उर्र रहमान का आना-जाना था। ये लोग कालोनी की एक महिला को ओमान भेज चुके थे। दोनों ने 14 दिसंबर 2020 को उसको एक अस्पताल में 20 हजार रुपये की नौकरी लगवाने के नाम पर ओमान भेजा था। जब वहां पहुंची तो उसे दो बार पांच-पांच सौ रुपये में बेचा गया फिर उसे एक शेख को बेच दिया गया।
विज्ञापन


महिला के अनुसार उसके साथ भांजी और तीन अन्य महिलाएं गईं थीं। सभी को टूरिस्ट वीजा पर ले जाया गया था। ओमान एयरपोर्ट पहुंचने पर उसे दो युवक मिले। वे अपने कार्यालय ले गए। कुछ घंटे बाद युवकों ने सभी के वीजा और पासपोर्ट छीन लिए और कमरे में बंद कर चले गए। पूरी रात भूख से तड़पती रहीं।

अगले दिन सभी को अलग-अलग शेख के हाथों बेच दिया गया। महिला के अनुसार शेख उसे मसकट ले गया। यहां पहुंचते ही उसके साथ दरिंदगी शुरू हो गई। दिन में कई बार उसके साथ अलग-अलग लोग दरिंदगी करते थे। विरोध करने पर बेल्टों से पीटा जाता था।
विज्ञापन


मौका मिलने पर महिला ने अपने भाई को फोन मिलाया तो वह मुजम्मिल और अति उर्र रहमान से मिला। 62 हजार रुपये देने पर 11 फरवरी 2021 को वह घर आ सकी। महिला ने बताया कि वह तो घर आ गई पर उसकी भांजी व तीन अन्य महिलाएं अभी भी वहीं जुल्मों का शिकार हो रहीं हैं।
विज्ञापन

जो महिलाएं विदेश में फंसी हैं उनमें से उन्नाव की दो ऐसी महिलाएं भी हैं जिनके पति गुजर गए थे। परिवार का बोझ पड़ा तो वह कमाने विदेश चलीं गईं। दोनों को डेढ़ साल के अंदर भेजा गया था, तबसे वे फंसी हैं। पीड़िता के अनुसार गिरोह का सरगना सैय्यद असीन है जो चेन्नई से मानव तस्करी का गिरोह चलाता है।

किसी ने नहीं दी पनाह
दरिंदगी से परेशान होकर वह 15 दिन बाद ही शेख के घर से भाग निकली थी, लेकिन उसे किसी ने पनाह नहीं दी। दोबारा वह उन्हीं लोगों के हाथ लग गई थी। फिर उसे कैमरे में कैद रखा गया था।

तड़प रहे बच्चे, खुद को कोस रहा पति 
उन्नाव के एक राजगीर मिस्त्री की पत्नी (40) को इन्हीं तस्करों ने नौकरी का लालच देकर पांच जनवरी 2021 को ओमान भेजा है। पति के अनुसार दो महीने पहले पत्नी का फोन आया था। रोते हुए उसने वापस बुलाने की गुहार लगाई थी। उसने खुद के साथ मारपीट व दरिंदगी की बात बताई थी। उसने कहा कि आरोपी तो पकड़े गए पर पत्नी कैसे लौटेगी। पांच बच्चे बिना मां के परेशान हैं। 

सीएम हेल्पलाइन पर लगाई थी गुहार 
ओमान में फंसी महिला के पति ने बताया कि पत्नी को घर लाने के लिए उसने जनवरी में सीएम हेल्पलाइन नंबर पर मदद मांगी थी। पर कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें