11 फरवरी 2021 को ओमान से लौटी उन्नाव निवासी एक महिला ने पुलिस को बताया कि उसकी कालोनी में रहने वाली महिला के घर कर्नलगंज निवासी मुजम्मिल और अति उर्र रहमान का आना-जाना था। ये लोग कालोनी की एक महिला को ओमान भेज चुके थे। दोनों ने 14 दिसंबर 2020 को उसको एक अस्पताल में 20 हजार रुपये की नौकरी लगवाने के नाम पर ओमान भेजा था। जब वहां पहुंची तो उसे दो बार पांच-पांच सौ रुपये में बेचा गया फिर उसे एक शेख को बेच दिया गया।
महिला के अनुसार उसके साथ भांजी और तीन अन्य महिलाएं गईं थीं। सभी को टूरिस्ट वीजा पर ले जाया गया था। ओमान एयरपोर्ट पहुंचने पर उसे दो युवक मिले। वे अपने कार्यालय ले गए। कुछ घंटे बाद युवकों ने सभी के वीजा और पासपोर्ट छीन लिए और कमरे में बंद कर चले गए। पूरी रात भूख से तड़पती रहीं।
अगले दिन सभी को अलग-अलग शेख के हाथों बेच दिया गया। महिला के अनुसार शेख उसे मसकट ले गया। यहां पहुंचते ही उसके साथ दरिंदगी शुरू हो गई। दिन में कई बार उसके साथ अलग-अलग लोग दरिंदगी करते थे। विरोध करने पर बेल्टों से पीटा जाता था।
मौका मिलने पर महिला ने अपने भाई को फोन मिलाया तो वह मुजम्मिल और अति उर्र रहमान से मिला। 62 हजार रुपये देने पर 11 फरवरी 2021 को वह घर आ सकी। महिला ने बताया कि वह तो घर आ गई पर उसकी भांजी व तीन अन्य महिलाएं अभी भी वहीं जुल्मों का शिकार हो रहीं हैं।