डीसीपी साउथ प्रमोद कुमार ने बताया कि सर्विलांस की मदद से गुरुवार को किदवईनगर से राज नागर व उसकी मां आशा को गिरफ्तार कर लिया गया है। विजय ने सुरेश को इन्हीं दोनों के हाथों बेचा था। दोनों आरोपियों ने पूछताछ में पूरा मामला कबूल किया है।
25 हजार में हुई थी खरीद-फरोख्त
डीसीपी ने बताया कि सुरेश ने बताया था कि 70 हजार में उसको बेचा गया था। जब आरोपियों से पूछताछ की गई तो उन्होंने बताया कि सुरेश को उन्होंने 25 हजार रुपये में खरीदा था। ये रकम उन्होंने विजय को दी थी। यह भी खुलासा हुआ कि राज व आशा दिल्ली नहीं बल्कि किदवईनगर के ही रहने वाले हैं। ये दोनों दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर रहकर इसी तरह से लोगों से भीख मंगवाते हैं।
सरगना तक पहुंचना आसान नहीं
पुलिस की अब तक की जांच में सामने आया कि विजय, राज व आशा छोटी मछलियां हैं। भिखारी गैंग की एक पूरी चेन बनी हुई है। कई छोटे-छोटे गिरोह काम कर रहे हैं। उनके कई आका हैं। इसलिए गिरोह के सरगना तक पहुंचना पुलिस के लिए आसान नहीं होगा। हालांकि डीसीपी साउथ का कहना है कि एक टीम दोबारा दिल्ली जाएगी। स्थानीय पुलिस से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी देगी। आशंका है कि सुरेश जैसे तमाम लोग भिखारी गैंग के जाल मं फंसे हो सकते हैं। प्रयास होगा कि उनको मुक्त कराया जाए।