गुरुग्राम में अपने परिजनों के पास मिला था बच्चा
कारोबारी ने पुलिस को बताया था कि दो बच्चे उसके ससुर और पत्नी ने 60 हजार रुपये में खरीदे हैं। इनमें से एक लखनऊ स्थित ससुराल में है। इसके बाद पुलिस टीम ने लखनऊ में दबिश दी थी। हालांकि वह जिस बच्चे की तलाश में गई थी, वह बाद में गुरुग्राम में अपने परिजनों के पास मिल गया था।
हाईकोर्ट ने फिलहाल गिरफ्तारी पर लगा दी है रोक
इस मामले में गोविंदनगर पुलिस अंकित के अलावा दलाल पप्पू यादव व किशोर के ताऊ शिव महतो और बिहार के मोतीहारी निवासी राहुल ठाकुर को जेल भेज चुकी है। एडीसीपी महेश कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है। हालांकि अब हाईकोर्ट ने फिलहाल उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
ये है पूरा मामला
10 दिसंबर को गुरुग्राम निवासी श्रीभगवान नामक व्यक्ति ने कंट्रोल रूम को फोन कर बेटे को बचा लेने की गुहार लगाई थी। कहा कि उनके बेटे को बी-ब्लॉक गोविंदनगर निवासी युवक और उसकी पत्नी घर पर बंधक बनाए हैं।
घर के शौचालय साफ करवाते थे
सूचना पर पहुंची गोविंदनगर पुलिस ने फर्नीचर कारोबारी अंकित आनंद के घर से 12 साल के मासूम को बरामद किया है। आरोप है वे लोग बच्चे को बंधक बनाकर भूखा प्यासा रखते और घर के शौचालय साफ करवाते थे।
मानव तस्करी की धाराओं में दर्ज हुई थी रिपोर्ट
घर जाने की जिद पर कारोबारी की पत्नी ने मासूम को पीटा तो उसने परिजनों को सूचना दी। मामले में गोविंदनगर थाने के दरोगा कुशलवीर राठी ने मानव तस्करी की धाराओं में अंकित,पत्नी साक्षी और ससुर सुनील के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई।