कानपुर। हृदय तक पहुंचने वाली एक प्रमुख धमनी के पूरी तरह से अवरुद्ध होने पर पड़ने वाले हार्ट अटैक के दौरान बचाव के तरीकों के संबंध में डॉक्टरों और स्टाफ को प्रशिक्षण दिया गया।
एलपीएस कार्डियोलॉजी इंस्टीट्यूट में आयोजित दो दिवसीय प्रशिक्षण का शनिवार को समापन हो गया। इस समस्या को स्टेमी कहते हैं। कार्डियोलॉजी को स्टेमी को लेकर चौथे हब के रूप में चिह्नित किया गया है। कार्डियोलॉजी में औरैया, कानपुर देहात, नगर, उन्नाव बांदा, हमीरपुर की सीएचसी, पीएचसी, जिला अस्पताल और नए मेडिकल कॉलेजों के डॉक्टरों और पैरा मेडिकल स्टाफ को प्रशिक्षित किया गया। इंस्टीट्यूट के निदेशक एवं प्रोफेसर राकेश कुमार वर्मा, कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. उमेश्वर पांडेय रोग और इससे बचाव के संबंध में जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि जब धमनी पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है तो हृदय की मांसपेशी तक रक्त और ऑक्सीजन की आपूर्ति रुक जाती है। इससे मांसपेशी को नुकसान होता है। स्टेमी से पीड़ित व्यक्ति को तुरंत रक्त प्रवाह बहाल करने के उपचार की आवश्यकता होती है।