मिर्च पाउडर का प्रयाेग खाने में ही नहीं अात्मरक्षा के लिये भी किया जा सकता है। अचानक से अगर काेई अापके सामने अाजाये ताे इसके इस्तेमाल से अाप बच सकते हैं। डीअाईजी बांदा ने यह बात एक स्कूल के प्राेग्रम में कही।
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आत्मरक्षा के तरीके बताए
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बांदा डीआईजी ज्ञानेश्वर तिवारी ने छात्राओं को आत्मरक्षा के तरीके बताए। कहा अपने सिक्स सेंस को कभी नजरंदाज नहीं करना चाहिये। गड़बड़ी की आशंका हाे ताे फाैरन 1090 और परिजनाें को सूचना दें। तुरंत अपनी लोकेशन माेबाइल के जरिये शेयर करें। आत्म रक्षा के लिए जो भी हाथ में लिए हो उससे हमला कर दें।
अाप कभी डरें नहीं की सामने वाले का सिर फटेगा या कोई चोट आएगी
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अाप कभी डरें नहीं की सामने वाले का सिर फटेगा या कोई चोट आएगी। अपने बचाव में की गई कार्रवाई अपराध की श्रेणी में नही अाती है। शनिवार को तिंदवारी स्थित शिवदर्शन महाविद्यालय में महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत छात्राओं को अात्मरक्षा के गुर सिखाये।
महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी
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छात्राअाेें काे वूमेन पावर लाइन, पावर एंजिल, एंटी रोमियो स्क्वायड और महिलाओं की सुरक्षा से संबंधित कानूनों की जानकारी दी। उन्हाेंने कहा ज्ब् कोई हमला करें तो पहले शोर मचाएं। अपने पास हमेशा मिर्च पाउडर और पेपर स्प्रे रखें। जरूरत पड़ने पर इसका इस्तेमाल करें।
जो भी उसे हथियार के रूप में इस्तेमाल करें
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हेयर पिन, कंघी, चश्मे का फ्रेम, पेन, पेंसिल, दुपट्टा आदि जो भी उसे हथियार के रूप में इस्तेमाल करें। अपने मोबाइल के फास्ट डायल मोड में 1090, यूपी-100 और अपने खास परिचितों के नंबर सेव रखें। अगर इन पर संपर्क नहीं हो पा रहा तो 9454401090 पर एसएमएस कर दें।
डीआईजी ने यह भी सुझाया कि आटो या किसी वाहन में बैठते समय उस वाहन का नंबर सहित ड्राइवर का फोटो क्लिक करके सुरक्षित कर लें। ड्राइवर को एहसास करा दें कि उसका नंबर पुलिस कंट्रोल रूम को भेजा जा चुका है। डीआईजी ने छात्राओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण लेने को भी कहा।