कानपुर। छोटा लखनपुर क्षेत्र में एक मकान के निर्माण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। स्थानीय निवासियों की शिकायतों के बाद नगर निगम जोन छह के अधिकारियों ने जांच की तो पता चला कि मकान की चौहदी को तीन बार बदला गया है और इसे बेच दिया गया है। मकान का निर्माण भी सीवर लाइन के ऊपर किया जा रहा था। मामले में स्टांप चोरी का भी खुलासा हुआ है।
विनायकपुर निवासी प्रशांत सिंह और राजीव बिहार के राजबहादुर सिंह ने नगर आयुक्त से शिकायत की तो मामले का खुलासा हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि छोटा लखनपुर में हनुमान धाम मंदिर की जमीन और प्रवेश करने वाले रास्ते पर कब्जा कर निर्माण कराया जा रहा है। शिकायत पर जोन छह के जोनल अधिकारी, सुपरवाइजर और अन्य अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर जांच की तो पता चला कि संपत्ति की चौहदी को तीन बार बदला गया था। पहली बार कल्लू ने राम प्यारे को संपत्ति बेची थी, उस समय पश्चिम में बाबूलाल का मकान और दक्षिण में मुल्लू का मकान था। दूसरी बार राम प्यारे ने लक्ष्मी देवी को जमीन बेची, इस बार पश्चिम की तरफ रास्ता और दक्षिण की ओर से दरवाजा व रास्ता दोनों दिखाया गया।
तीसरी बार जब लक्ष्मी देवी ने कविता राठौर को जमीन बेची तो पश्चिम की तरफ 11.5 फीट रास्ता और दक्षिण की ओर से 15 फीट रास्ता दर्शाया गया। संपत्ति के नंबरों में भी बदलाव देखा गया। 1967 में जब पहली बार मकान बेचा गया तो मकान नंबर 124 व हाॅल नंबर 128 मौजा लखनपुर था। 1975 में दूसरी बार मकान नंबर 114/128 मौजा लखनपुर दर्ज हुआ। वर्ष 2024 में इसे मकान नंबर 114/128 पुराना व नया नंबर 114/132 लखनपुर विनायकपुर के नाम से जाना जाने लगा।
जोनल अधिकारी ने नगर आयुक्त को भेजी रिपोर्ट में बताया कि क्षेत्र की नाप-जोख करने पर यह पाया गया कि निर्माण स्वीकृत क्षेत्रफल से कहीं अधिक जगह पर किया जा रहा है। मकान किसी अन्य भवन से जुड़ा हुआ नहीं था और इसके नीचे से एक सीवर लाइन भी गुजर रही थी।
प्रशांत सिंह की शिकायत पर सहायक महानिरीक्षक निबंधन ने भी जांच कराई। इस जांच में भी मौके पर संपत्ति की वास्तविक माप शिकायतकर्ता की ओर से बताई गई माप से अधिक पाई गई। आरोपी पर 1,03,710 की स्टांप चोरी का शुल्क लगाया गया है। वाद दाखिल करने की तैयारी की जा रही है। सुपरवाइजर प्रशांत पाल ने पुष्टि की है कि मकान अवैध तरीके से बन रहे मकान के निर्माण पर केडीए ने रोक लगा दी है।