फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kanpur: अस्पताल में भर्ती युवती से छेड़छाड़ का मामला, प्रशासन ने किया डैमेज कंट्रोल, बैकफुट पर पीड़ित परिवार

Sat, 24 Dec 2022 01:07 PM IST
हिमांशु अवस्थी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कानपुर

सार

रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल में ऑपरेशन के लिए भर्ती युवती से छेड़खानी के मामले को प्रशासन ने मैनेज कर लिया है। इसके चलते पीड़ित परिवार बैकफुट पर आ गया है। पीड़ित परिवार का कहना है कि आगे बेटी की शादी होनी है। इसलिए लोकलाज और बदनामी होगी। 
विज्ञापन
कांशीराम अस्पताल - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कानपुर में रामादेवी स्थित कांशीराम अस्पताल में ऑपरेशन के नाम पर 10 हजार रूपये घूस लेने और भर्ती युवती से छेड़छाड़ का मामला सामने आया था। विरोध के बाद मीडिया की आने की सूचना के पहले ही उसे वहां से पीड़िता को एम्बुलेंस से घर पहुंचा दिया गया।

विज्ञापन

चर्चा है कि परिवार को बाद में मैनेज कर लिया गया है। वहीं, पीड़ित परिवार का कहना है कि आगे बेटी की शादी होनी है। इसलिए लोकलाज और बदनामी होगी। इस डर से हिम्मत नहीं पड़ रही है। चकेरी के सनिगवां निवासी सेवानिवृत्त जलकल कर्मी ने बताया कि उनकी 28 वर्षीय बेटी के पेट में पथरी थी।
इस पर उन्होंने कांशीराम अस्पताल वरिष्ठ जनरल सर्जन को दिखाया। उन्होंने अच्छे से ऑपरेशन में खर्च आने की बात कही। फिर उन्होंने अस्पताल कर्मी व अपने असिस्टेंट से मिलाकर बात करने की बात कही। कहा  वो तुम्हे सब समझा देगा। उसने ऑपरेशन में 10 हजार रुपये का खर्च बताया।

विज्ञापन
Trending Videos

मंगलवार को ऑपरेशन के पूर्व ही फाइल बनने की बात कह उस असिस्टेंट ने ऑपरेशन रूम में 10 हजार रुपये ले लिए। आरोप है कि इसके बाद बुधवार रात करीब 11बजे नशे की हालत में वह असिस्टेंट आया। उसने मच्छरदानी ठीक से लगाने को कहा। इसके साथ बेटी के कंबल के अंदर हाथ डाल दिया।

यह देख बेटी ने चिल्लाया, तो पत्नी ने भी शोर मचाया। इस पर असिस्टेंट ने पेशाब की नली को ठीक करने की बात कहकर  गली गलौज शुरू कर दी। वह काफी नशे की हालत में था।  पीड़ित जलकल कर्मी ने बताया कि इस पर गुरुवार अस्पताल से बेटी की छुट्टी करने को कहा। लेकिन, छुट्टी नहीं दी गई।
विज्ञापन

यहां शुक्रवार को मीडिया के आने भनक पर अस्पताल के लोग जबरन बेटी और पत्नी को एक्सरे रूम में ले गए। वहां काफी देर बंद रखा, जिसके बाद लिफ्ट से ऊपर ले गए। इसके बाद नीचे लाकर एम्बुलेंस ने उन्हें घर पहुंचा दिया गया। मामले में सीएमएस डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि वार्ड में इस तरह की घटना की जानकारी नहीं हो पा रही है।  
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें