मंगलवार को ऑपरेशन के पूर्व ही फाइल बनने की बात कह उस असिस्टेंट ने ऑपरेशन रूम में 10 हजार रुपये ले लिए। आरोप है कि इसके बाद बुधवार रात करीब 11बजे नशे की हालत में वह असिस्टेंट आया। उसने मच्छरदानी ठीक से लगाने को कहा। इसके साथ बेटी के कंबल के अंदर हाथ डाल दिया।
यह देख बेटी ने चिल्लाया, तो पत्नी ने भी शोर मचाया। इस पर असिस्टेंट ने पेशाब की नली को ठीक करने की बात कहकर गली गलौज शुरू कर दी। वह काफी नशे की हालत में था। पीड़ित जलकल कर्मी ने बताया कि इस पर गुरुवार अस्पताल से बेटी की छुट्टी करने को कहा। लेकिन, छुट्टी नहीं दी गई।
यहां शुक्रवार को मीडिया के आने भनक पर अस्पताल के लोग जबरन बेटी और पत्नी को एक्सरे रूम में ले गए। वहां काफी देर बंद रखा, जिसके बाद लिफ्ट से ऊपर ले गए। इसके बाद नीचे लाकर एम्बुलेंस ने उन्हें घर पहुंचा दिया गया। मामले में सीएमएस डॉ. स्वदेश गुप्ता का कहना है कि वार्ड में इस तरह की घटना की जानकारी नहीं हो पा रही है।