फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जिले के चार अस्पतालों में जल्द शुरू होगी सीबीसी जांच

विज्ञापन
विज्ञापन
कानपुर देहात। जिले में बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। कई लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। इसके बाद भी किसी भी सरकारी अस्पताल में बुखार से संबंधित सीबीसी जांच नहीं होती है। मरीजों को ज्यादा पैसा देकर प्राइवेट में जांच करानी पड़ती है। गंभीरता से लेते हुए सीएमओ डॉ. राजेश कटियार ने चिंहित अस्पतालों में सीबीसी जांच के निर्देश दिए हैं। विभाग ने पुखरायां, सिकंदरा, रनियां, रसूलाबाद चार सरकारी अस्पतालों को चिह्नित कर कवायद शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों की माने तो ऑटोमेटिक एनालाइजर मशीन आ गई है। इन्हें जल्द अस्पतालों में लगाया जाएगा। मरीज का सैंपल लेने के बाद रिपोर्ट लखनऊ भेजी जाएगी। वहां से दूसरे दिन मरीज को अधिकृत रिपोर्ट भेजी जाएगी।
विज्ञापन

संदलपुर के उदयपुर गांव निवासी राजनारायण पाल ने बताया कि चार दिन पहले बुखार आने पर डॉक्टर ने सीबीसी जांच को कहा था। औरैया में जांच कराने के नाम पर तीन सौ रुपये ले लिए। हवासपुर के रामकिशोर ने बताया कि प्राइवेट में जांच के नाम पर मोटी रकम वसूली जाती थी। सरकारी अस्पताल में जांच शुरू होने पर लोगों को सहूलियत मिलेगी। राजपुर के अनुज कुमार ने बताया कि विभाग को कदम पहले उठाना चाहिए था। राजपुर के भाल गांव निवासी शिवम मिश्रा ने विभाग के इस फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने कुछ दिन पहले ही सीबीसी जांच के लिए चार सौ रुपये पैथालॉजी में दिए थे। डिप्टी सीएमओ डा एपी वर्मा ने बताया कि सीबीसी जांच के लिए आटोमेटिक एनालइजर मशीन आ गई है। उन्हें चिह्नित अस्पतालों में लगाए जाने के लिए निर्देश दिए गए हैं। एक हफ्ते के भीतर जांच शुरू कर दी जाएगी।
ये होती है सीबीसी जांच
कानपुर देहात। बुखार से पीड़ित मरीज के लिए सीबीसी (कंप्लीट ब्लड काउंट) प्राथामिक जांच होती है। जांच से मरीज में खून की कमी, शरीर में संक्रमण, इलर्जी, प्लेटलेट्स, लंबे समय से चली आ रही बीमारी की जानकारी होती है। जांच में आई रिपोर्ट के हिसाब से डॉक्टर मरीज को दवा देते हैं। यह जांच जिला अस्पताल छोड़कर किसी भी सरकारी अस्पताल में नहीं होती है। मरीजों को दिक्कत होती है।
विज्ञापन

प्राइवेट पैथोलोजी तीस गुना करते है वसूली
कानपुर देहात। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों की माने तो सीबीसी जांच में महज नौ से दस रुपये का खर्च आता है। जबकि जिले के प्राइवेट पैथोलोजी संचालक मरीज से तीस गुना तक रुपये वसूलते हैं। सीबीसी जांच के लिए मरीजों से 300 से 400 रुपये लिए जाते हैं। सरकारी अस्पतालों में जांच शुरू होने के बाद लोगों को इससे सहूलियत मिलेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें