भाल गांव स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र की सफाई करते युवा।
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राजपुर (कानपुर)। भाल गांव के जर्जर उप स्वास्थ्य केंद्र की साफ-सफाई नहीं होती है। कई बार शिकायत पर भी सुनवाई नहीं हुई तो शुक्रवार को गांव के युवाओं ने खुद ही अस्पताल की सफाई कर दी। अब युवाओं ने चंदा कर जर्जर भवन को सुधारने की तैयारी की है।
राजपुर ब्लाक क्षेत्र के भाल गांव में वर्ष 2006 में उप स्वास्थ्य केंद्र बनाया गया था। इससे ग्रामीणों को राहत मिली थी। देखरेख के अभाव में अस्पताल का भवन जर्जर हो गया है। दरवाजा, खिड़की तक कुछ लोग उखाड़ ले गए हैं। अब स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी अस्पताल आने में कतराते हैं। पूर्व में एएनएम टीकाकरण दिवस पर प्रधान के यहां बैठती थी। अब एक माह से यहां दूसरी एएनएम की तैनाती है, लेकिन वह गांव नहीं आती है। इससे क्षेत्र के लोगों की समस्याएं बढ़ गई।
गांव के युवाओं ने उप स्वास्थ्य केंद्र की सूरत बदलने का बीड़ा उठाया है। गांव के सिद्धेश्वर त्रिपाठी ने बताया कि जर्जर केंद्र की साफ-सफाई के साथ उसकी रंगाई पुताई के लिए चंदा करेंगे। शुक्रवार को अस्पताल के कायाकल्प का काम शुरू कर दिया गया है। शिवम द्विवेदी, योगेंद्र सिंह, ब्रजेश सिंह, पवन सिंह, देवेंद्र सिंह, राघवेंद्र, लकी, कन्हैया, दीपू, अनुज ने अस्पताल की सफाई कर दी है। अस्पताल का रंग-रोगन कराने के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य कर्मियों की नियमित तैनाती की मांग उठाई जाएगी।
पीएचसी प्रभारी डीके सिंह ने बताया कि भाल गांव में एएनएम पूनम तैनात है। लापरवाही की पड़ताल कराकर कार्रवाई की जाएगी। एसडीएम रमेश चंद्र ने कहा कि उप स्वास्थ्य केंद्र पर अराजक तत्वों के सक्रिय रहने की शिकायत मिली है। कार्रवाई की जाएगी। बीडीओ ऊषा देवी ने कहा कि स्टीमेट बनाकर अस्पताल की मरम्मत का प्रस्ताव भेजा जाएगा।