आरोपियों का एक साथी धर्मेंद्र फरार है। उसकी तलाश जारी है। पुलिस की जांच में सामने आया कि नीरज पत्नी पर शक करता था। इसलिए वह एक महीने पहले महाराजपुर के एक तांत्रिक के पास गया था। अंधविश्वास में फंसे नीरज को यहां पर तीनों आरोपी मिले।
होजरी कारोबारी नीरज दीक्षित (42) हत्याकांड का पुलिस ने शनिवार को खुलासा कर तांत्रिक के दो चेलों को गिरफ्तार किया। एक आरोपी फरार है। तीनों आरोपी कुछ समय पहले ही नीरज के दोस्त बने थे। पुलिस का दावा है कि नीरज को पत्नी पर शक था, इसलिए वह इन तीनों की मदद से तांत्रिकों से संपर्क कर समस्या का समाधान करने के प्रयास में था।
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आरोपियों ने 70 हजार रुपये भी लिए थे। जब समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कारोबारी ने रकम वापस मांगी। इसी वजह से विवाद और आरोपियों ने मिलकर नीरज को मौत के घाट उतर दिया। एडीसीपी साउथ डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि हत्याकांड में महाराजपुर निवासी शैलेंद्र कुशवाहा और श्यामू कुशवाहा को गिरफ्तार किया गया है।
आरोपियों का एक साथी धर्मेंद्र फरार है। उसकी तलाश जारी है। पुलिस की जांच में सामने आया कि नीरज पत्नी पर शक करता था। इसलिए वह एक महीने पहले महाराजपुर के एक तांत्रिक के पास गया था। अंधविश्वास में फंसे नीरज को यहां पर तीनों आरोपी मिले।
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उन्होंने कहा कि धर्मेंद्र के पिता बहुत बड़े तांत्रिक हैं। वहां पर समस्या का समाधान हो जाएगा। नीरज उनकी बातों में आ गए और 70 हजार रुपये भी दे दिए। आरोपियों ने एक तांत्रिक से उसको मिलवाया। कई बार जब नीरज उस तांत्रिक से मिले और समस्या का समाधान नहीं हुआ वह अपने पैसे वापस मांगने लगे।
इसको लेकर विवाद हुआ। 13 अगस्त को हमीरपुर के एक तांत्रिक के पास ले जाने का झांसा देकर नीरज को शैलेंद्र, श्यामू और धर्मेंद्र ने बुलाया। उनकी गला दबाकर हत्या कर शव नहर में फेंक दिया था। बाइक फतेहपुर में ले जाकर जला दी थी।
आखिरी कॉल से खुला राज, सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी
फजलगंज पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर का बहुत ही कम समय में खुलासा कर दिया। इसमें सर्विलांस की भूमिका बेहद अहम रही। फजलगंज इंस्पेक्टर अजय प्रताप सिंह ने बताया कि नीरज के मोबाइल नंबर की सीडीआर खंगाली गई तो आखिरी कॉल शैलेंद्र की मिली। यही नहीं एक महीने में शैलेंद्र से 300 से अधिक बार बातचीत मिली। 13 अगस्त की शाम भी कई बार शैलेंद्र से नीरज की बातचीत हुई थी। इसलिए पुलिस ने सबसे पहले शैलेंद्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जिसके बाद एक एक कर परत खुलती चली गई और आरोपी सलाखों के पीछे पहुंच गए।
आखिर पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्यों नहीं हुई हत्या की पुष्टि
हमीरपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह स्पष्ट नहीं हुई थी। इसलिए विसरा सुरक्षित किया गया था। जब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार किया तो उन्होंने बताया कि रस्सी से गला कसकर उन्होंने नीरज को मारा था। गला कसने संबंधी कोई भी तथ्य पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नहीं था। पुलिस ने घटनास्थल (हमीरपुर कुरारा क्षेत्र का जंगल) से मृतक की चप्पल, रस्सी आदि बरामद किए।
लूट की धारा बढ़ाई
आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के बाद नीरज के पास से उनका मोबाइल और 25 हजार रुपये लूट लिए थे। वहीं बाइक फतेहपुर ले गए थे। जहां उसमें आग लगा दी थी। पुलिस ने नीरज का मोबाइल भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने एफआईआर में लूट की धारा भी बढ़ाई है।
ये है पूरा मामला
दर्शनपुरवा निवासी होजरी कारोबारी नीरज दीक्षित 13 अगस्त को देर शाम करीब सात बजे घर से निकले थे। 14 अगस्त को फतेहपुर में उनकी अधजली बाइक बरामद हुई थी। बीते मंगलवार को उनका शव हमीरपुर के कुरारा थाना क्षेत्र में नहर के पास पड़ा मिला था।