झींझक में होली खेलते बच्चे। (संवाद)
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कानपुर देहात। कोरोना संक्रमण से निजात के बाद होली के पर्व में दो साल बाद फिर से उल्लास नजर आया। जिले में 1738 स्थानों पर होलिका दहन किया गया। गुरुवार को दिन में रंगीन झालरों से होलिका स्थलों की सजावट की गई।
अकबरपुर में प्रह्लाद को गोद लिए होलिका का पुतला आकर्षण का केंद्र रहा। तय मुहूर्त पर विधि विधान से पूजन कर होलिका जलाई गई। इसके बाद उत्साहित युवाओं ने गुलाल व अबीर भी उड़ाया।
अकबरपुर में पुराना बस स्टाप, नेहरू नगर में मंदिर के पास, माती रोड आदि स्थानों पर महिलाओं ने होली के आसपास विभिन्न रंगों से चौक को सजाया। रंगीन व चमकीली झालर से भी होली को आकर्षक बनाया गया।
वहीं, ग्रामीण अंचल में युवा दोपहर बाद तक होलिका को बढ़ाने के लिए लकड़ियां, पुआल आदि एकत्र करते दिखे। शाम होते ही लोग होलिका दहन स्थल पर लोग जुटे। होलिका दहन को लेकर लोगों में खासा उत्साह दिखाई दिया।
बल्ले व उपले आदि लेकर लोग पहुंचे। महिलाओं व आचार्यों ने विधि विधान से पूजन कराया। इसके बाद होलिका का दहन किया गया। बुराई पर अच्छाई की जीत की खुशी में लोगों ने गन्ने से बांधी गई जौ व गेहूं की बाली को अग्नि में भूना। इस दौरान लोगों ने जयकारे लगाए।
जुनैदपुर में जली नारियल की होली
मलासा ब्लाक के जुनैदपुर में बालाजी धाम मंदिर परिसर में परंपरागत नारियल की होली जलाई गई। यह होली मंदिर में भक्तों की ओर से चढ़ाए गए नारियल से तैयार की जाती है। इस दौरान जुटे भक्तों ने परिक्रमा की और बालाजी दरबार व भक्त प्रह्लाद के जयकारे लगाए। मंदिर के महंत कमलकांत ने बताया कि इस बार 90 हजार नारियल की होली जलाई गई है। प्रसिद्ध नारियल की होली देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ रही।