इटावा। राजीव यादव की आत्महत्या के मामले में चेयरमैन और ईओ के बाद अब हाईकोर्ट ने पूर्व चेयरमैन को भी राहत दी है। हाईकोर्ट ने उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। इससे पहले चेयरमैन और ईओ की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी थी।
नगर पालिका के वरिष्ठ लिपिक राजीव यादव ने 26 सितंबर को यमुना में कूदकर जान दे दी थी। 27 को उनका शव मिला था। वरिष्ठ लिपिक ने एक सुसाइड नोट छोड़कर चेयरमैन ज्योति गुप्ता, ईओ संतोष मिश्रा, चेयरमैन पति व पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता, सेवानिवृत्त पेशकार अतर सिंह, सुनील वर्मा पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। वरिष्ठ लिपिक के बेटे सिद्धार्थ ने पांचों पर आत्महत्या के लिए उकसाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद से पांचों आरोपी फरार चल रहे थे। पुलिस लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दे रही थी। सभी के घर पर पेश होने के लिए नोटिस भी चस्पा किया गया था। पूर्व चेयरमैन के खिलाफ 25 हजार का इनाम भी पुलिस ने घोषित किया था। चार दिन पहले हाईकोर्ट ने चेयरमैन और ईओ को राहत देते हुए उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। अब हाईकोर्ट ने पूर्व चेयरमैन कुलदीप गुप्ता को भी राहत दी है। उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई है। पूर्व चेयरमैन ने इसकी जानकारी खुद देते हुए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली है।