रसूलाबाद। थाना क्षेत्र के दया का पुरवा निवासी आसमा की हत्या कर शव नाला में फेंक दिया गया था। जानकारी होने पर परिजन बेहाल हैं। भाई का कहना है कि बहन रसूलाबाद में रहती थी, वह गुरुग्राम कब पहुंची इसकी जानकारी नहीं हैं। वहीं मामले में कार्रवाई न करने का विरोध करने के बाद छोटी बहन से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है।
आसमा (21) की हत्या की जानकारी के बाद से उसकी बीमार मां सरला, भाई दीपू, पुष्पेंद्र व परिजन रो-रोकर बेहाल हैं। दीपू ने बताया कि वह कानपुर में रहता है। 23 जून को पुलिस की ओर से ग्राम प्रधान अनिल राठौर के पास आसमा का शव गुरुग्राम में मिलने का फोन आया था। इस पर वह परिजन के साथ गुरुग्राम गया था। वहां शिनाख्त के बाद हुए पोस्टमार्टम में गला घोंट कर बहन की हत्या किए जाने की पुष्टि हुई। पुलिस ने शव मिलने वाले स्थान के पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज दिखवाए थे। जिनमें आसमा के साथ खपरेमऊ निवासी जन सेवा केंद्र संचालक अरुण भी दिख रहा था।
बताया कि बहन काफी समय से अरुण के साथ किराये के कमरे में रसूलाबाद में रह रही थी। 13 जून को आसमा स्कूटी से बीमार मां को देखने गांव आई थी। आधा घंटा घर पर रुकने के बाद वह वापस चली गई थी। रात में विवाद होने पर पुलिस आसमा व अरुण को मंगलपुर थाने ले गई थी। बहन के अरुण के साथ जाने के लिए कहने पर पुलिस ने उनको छोड़ दिया था। वह गुरुग्राम कब और कैसे पहुंची इसकी जानकारी नहीं है। वहीं भाई ने बताया कि आसमा की हत्या के बाद जब अरुण के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करवानी चाही तो छोटी बहन ने फोन कर विरोध जताया था। इसके बाद से परिजन का बहन से संपर्क नहीं हो पा रहा है जबकि 25 जून की दोपहर तीन बजे के करीब सादे कपड़ों में आई गुरुग्राम की पुलिस अरुण को उसके घर के गिरफ्तार कर साथ ले गई है। रसूलाबाद थानाध्यक्ष एसएन सिंह ने बताया कि गुरुग्राम पुलिस के आने से संबंध में जानकारी नहीं है।