कानपुर। साहब दो घंटे से लाइन में लगे हैं खाद नहीं मिल रही है, दो दिन से हमारी सोसाइटी में खाद नहीं पहुंची है। ये शिकायतें सहकारिता विभाग में संचालित कंट्रोल रूम में रोजाना आ रहीं हैं। दो दिन में करीब 50 शिकायतें आ चुकी हैं। किसानों को जिन समितियों मेंं खाद नहीं मिली उन्हें दूसरी समितियों से दिलाई गई।
जिले की 87 सहकारी समितियों में करीब 533 मिट्रिक टन यूरिया उपलब्ध है। जरूरत के अनुसार खाद की समय पर उपलब्धता न होना किसानों की समस्या का सबसे बड़ा कारण है। कई किसान ऐसे हैं जिन्हें जरूरत चार बोरी की है लेकिन उन्हें सिर्फ दो बोरियां ही दी रहीं हैं। किसानों को जोतबही के अनुसार भी खाद नहीं दी जा रही है। सचिव खाद की उपलब्धता कम होने का कारण बता रहे हैं। खाद की किल्लत को देखते हुए जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने 54 नए प्राइवेंट केंद्रों को खाद उपलब्ध कराने के साथ ही किसानों की समस्याओं के निस्तारण के लिए काॅल सेंटर संचालित किया है।
बीरपुर गांव के रहने वाले किसान अनुज बाजपेई ने बताया कि इस समय खाद की जरूरत है पर सोसाइटी में खाद नहीं मिली। इस पर भीरतगांव सोसाइटी भेजकर दो बोरी खाद दिलाई गई।
किसान जगदीश शुक्ला ने फोन कर कहा कि सर बीरामऊ सोसाइटी में लाइन में दो घंटे से लगा हूं, खाद नहीं मिल पा रही है। इस पर अधिकारियों ने सचिव से संपर्क कर किसान को खाद दिलवाई।
रैक के अनुसार सोसाइटी पर खाद पहुंचती है। ज्यादातर सोसाइटी में खाद उपलब्ध है। कॉल सेंटर पर आईं शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। जिले में 10908 मिट्रिक टन खाद की बिक्री हो चुकी है।
- राकेश प्रभाकर, सहायक आयुक्त सहकारिता