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छात्र की मौत पर भारी बवाल, स्कूल पर हमला, तोड़फोड़

Thu, 07 Sep 2017 09:42 AM IST
टीम डिजिटल, अमर उजाला, कानपुर
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डीपीएस की बस से गौरव मेमोरियल इंटरनेशनल स्कूल के छात्र की मौत
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कानपुर के कल्याणपुर में बुधवार को दिल्ली पब्लिक स्कूल (डीपीएस) की बच्चों से भरी बस की टक्कर से स्कूटी सवार गौरव मेमोरियल इंटरनेशनल स्कूल (जीएमआईएस) के छात्र की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया।
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हादसे से भड़के जीएमआईएस के छात्रों और इलाकाई लोगों ने डीपीएस पर धावा बोलकर जमकर बवाल किया। तोड़फोड़ कर की, बस तोड़ डाली, आगजनी की कोशिश की। इससे बस में चीख-पुकार मच गई। बस में सवार बच्चे मदद के लिए शोर मचाने लगे।

कर्मचारियों ने किसी तरह बच्चों को बस से बाहर निकालकर सुरक्षित जगह पहुंचाया। इधर, गुस्साए छात्रों ने लॉन में खड़ी तीन कारों और ग्राउंड फ्लोर का एक-एक सामान तोड़ दिया। इसमें स्कूल प्रबंधक की मर्सडीज कार भी थी। पुलिस ने लाठी पटककर छात्रों को खदेड़ा तो उन लोगों ने और छात्रों के साथ दोबारा स्कूल पर धावा बोल दिया।
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हालात इतने बिगड़ गए कि पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें 15 छात्र और दो शिक्षक चुटहिल हो गए। पुलिस ने एक शिक्षक को हिरासत में ले लिया। इसके बाद शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा सका। 

दोस्त के साथ स्कूटी से लौट रहा था

गौरव मेमोरियल के छात्रों ने डीपीएस पर हमला बोला, स्कूल तहस-नहस किया
बिठूर के बगदौधी बांगर निवासी राजू शुक्ला केस्को कर्मी है। उनका छोटा बेटा अभय (17) गौरव मेमोरियल  इंटरनेशनल स्कूल में क्लास 12 का छात्र था। वह बुधवार स्कल की छुट्टी होने के बाद नमक फैक्ट्री चौराहा निवासी दोस्त करनजीत के साथ स्कूटी से लौट रहा था। वे दिल्ली पब्लिक स्कूल के गेट के बाहर पहुंचे थे कि बच्चों से भरी डीपीएस की आखिरी बस बाहर निकली। बस तेज रफ्तार में थी और स्कूटी सवार छात्र भी तेज रफ्तार में थे। बस और स्कूटी की टक्कर हो गई।

हादसे में अभय की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोस्त करनजीत घायल हो गया। यह देख चालक बस को छोड़कर स्कूल के अंदर भाग गया। इधर, पीछे से आ रहे गौरव मेमोरियल के छात्रों ने हादसे के बारे में साथियों और शिक्षकों को बताया तो थोड़ी देर बाद उन लोगों ने चालक को पकड़ने के लिए स्कूल पर धावा बोल दिया। गार्डों ने रोका तो उनको पीट दिया। इसके बाद छात्रों ने स्कूल के अंदर तोड़फोड़ शुरू कर दी।
 

जलता कपड़ा डालकर आगजनी की कोशिश

आगजनी की कोशिश, घूम-घूम कर गार्डों, स्टाफ को पीटा
छात्रों ने बस पर पथराव कर जलता कपड़ा डालकर आगजनी की कोशिश की। डीपीएस के कर्मचारी किसी तरह बस से बच्चों को उतारकर स्कूल की तीसरी मंजिल स्थित कमरे में ले गए। उनको बवाल खत्म होने तक उसी कमरे में रखा गया। उधर छात्र स्कूल में घूम-घूम कर तोड़फोड़ और पथराव करते रहे। छात्रों ने स्कूल पर धावा बोल कर भारी पत्थरों और सीज फायर सिलेंडरों से कार के शीशे तोड़ दिए। छात्रों ने स्कूल में घुसते ही पहले गार्ड रूम में तोड़फोड़ की।

इसके बाद स्टंप, डंडे और क्रिकेट बैट से स्कूल के गेट और शीशों को तोड़ दिया। एक गेट को उखाड़कर फेंक दिया। सारे गमले तोड़ दिए गए। कल्याणपुर पुलिस ने मौके पर जाकर छात्रों को खदेड़कर भगा दिया तो उन लोगों ने और साथियों व इलाकाई लोगों के साथ स्कूल पर दोबारा धावा बोल दिया। छात्रों की संख्या इतनी ज्यादा थी कि पुलिस मूकदर्शक बनी रही और छात्रों ने मर्सडीज सहित तीन कारों, ऑफिस और गमलों को तोड़ दिया। छात्रों ने भूतल के एक-एक कमरे और ऑफिस में तोड़फोड़ की।

कुछ स्टाफ कर्मियों ने उनको रोकने की कोशिश की तो छात्रों ने उनको भी पीटा। कल्याणपुर पुलिस ने हालात बेकाबू होने की सूचना आला अफसरों को दी तो सीओ सर्किल के फोर्स के साथ वहां पहुंच गए। कुछ ही देर में एसपी पश्चिम गौरव ग्रोवर भी वहां पहुंच गए। पुलिस ने पहले छात्रों को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे उनकी बात नहीं सुन रहे थे। इस पर पुलिस को स्थिति को संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इसमें 15 छात्र और दो शिक्षक चुटहिल हो गए।

पुलिस ने नीरज पांडेय नाम के एक शिक्षक को हिरासत में भी ले लिया। इसके बाद वहां पर स्थिति सामान्य हुई। इस बीच मृतक छात्र के परिजन स्कूल के बाहर पहुंच गए। वे बेटे की लाश पर बिलख-बिलख कर रोने लगे। सीओ ने उनको ढांढस बंधाकर शांत कराया। 
 

दरोगा की रिवाल्वर छीनने की कोशिश, जाम भी लगाया  

पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा
पुलिस स्कूल से शव को लेकर थाने पहुंची तो परिजन और रिश्तेदार छात्रों के साथ वहां पहुंच गए। वहां पर उन लोगों ने शव लेकर सड़क पर जाम लगाने की कोशिश की। दरोगा संतोष ने उनको समझाने की कोशिश की तो गुस्साए लोग उसका घेराव कर उनका रिवाल्वर छीनने की कोशिश करने लगे।

सीओ और एसपी पश्चिम ने उन लोगों को समझाने की कोशिश की तो गुस्साए परिजन उनसे भी भिड़ गए। एक रिश्तेदार एक दरोगा की रिवाल्वर पकड़कर कहने लगा कि मुझे गोली मार दो। एसपी ने किसी तरह उनको समझाकर शांत कराया।  
 

परिवार में सबसे छोटा था अभय    

अभय (17) गौरव मेमोरियल इंटरनेशनल स्कूल में क्लास 12 का छात्र था
परिवार में सबसे छोटा होने से अभय सबका लाडला था। परिवार में पिता राजू, मां नीलम, दो बहन जया, रुचि और भाई मनीष है। इसमें जया एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है, जबकि रुचि बीटेक कर रही है। मनीष भी पढ़ाई कर रहा है। परिजनों ने बताया कि अभय मेधावी छात्र था। उसकी मौत ने पूरे परिवार को झकझौर दिया। 

एक महीने पहले बस छोड़ी थी 
अभय पहले बस से स्कूल जाता था। उसने एक महीने पहले ही बस छोड़ी थी। एक रिश्तेदार के मुताबिक बस में उसको काफी समय लगता था। इसलिए उसने बस छोड़ी थी। अब वह टेंपो और आटो से स्कूल जाता था। 
 

आज दोनों स्कूल बंद रहेंगे 

स्कूल में तोड़फोड़ के बाद का नजारा
हादसे में छात्र की मौत से गौरव इंटरनेशनल स्कूल बृहस्पतिवार को बंद रहेगा। वहीं, दिल्ली पब्लिक स्कूल तोड़फोड़ होने की वजह से बंद रहेगा। स्कूल को कितने का नुकसान हुआ है, इसका अभी पता नहीं चल सका है। माना जा रहा है कि तोड़फोड़ से स्कूल को करीब दस लाख रुपये का नुकसान हुआ है। 
 
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दो एफआईआर दर्ज हुई

पुलिस ने लाठियां पटककर उपद्रवियों को किया शांत
छात्र की मौत के बाद बवाल में पुलिस ने दो रिपोर्ट दर्ज की हैं। एक रिपोर्ट पुलिस ने मृतक छात्र के परिजनों की तहरीर पर चालक के खिलाफ लिखी है, जबकि दूसरी रिपोर्ट में स्कूल में तोड़फोड़ करने वाले अज्ञात छात्रों के खिलाफ लिखी गई है। 

पुलिस ने घायल करनजीत को कल्याणपुर स्थित अभिषेक नर्सिंगहोम भेजा था, लेकिन जब मीडिया कर्मी वहां पहुंचे तो छात्र वहां नहीं था। पुलिस को भी नहीं मालूम कि वहां से करनजीत कहां गया। माना जा रहा है कि परिजन उसको अपने साथ ले गए। 
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