कोहरे की धुंध ने बुधवार की भोर से लोगाें को बेहाल कर दिया। घने कोहरे के कारण हाईवे सहित अन्य मार्गों पर वाहनों की रफ्तार थम गई। वाहन हेडलाइट जलाकर चल रहे थे। ठंड ज्यादा होने से जिले के बच्चों की संख्या भी स्कूलों में कम नजर आई। जानवरों को कोहरे और ठंड से बचाने के लिए पशुपालक धुआं करते देखे गए।
मौसम वैज्ञानिकों ने अगले 48 घंटे और कोहरे की संभावना जताई है।
बुधवार की सुबह कानपुर देहात का आसमान कोहरे के बादलों से ढका रहा। विजुअलटी 30 फीसदी से भी कम होने के कारण हाइवे और सड़कों पर वाहनों की रफ्तार कम दिखी। वाहन चालक कोहरे से बचने के लिए फाग लाइट जलाकर निकलते दिखाई दिए। वहीं कस्बे के कई स्थानों पर लोग अलाव जला तापते नजर आए।
इधर सर्दी का असर स्कूलों पर भी दिखाई दिया। कोहरे के कारण रोज की तुलना में बसों व रिक्शों में बच्चों की संख्या कम रही।
कोहरे के प्रकोप से पशुपालक भी परेशान दिखे। उन्होंने जानवरों के ऊपर कपड़ा डाल व धुआं आदि सुलगाया।
पलेवा के इंतजार में बैठे किसानों को बारिश का फायदा मिल सकता है।
बदलते मौसम में 13 व 14 दिसंबर को बारिश के आसार बन रहे हैं। चंद्रशेखर आजाद कृषि विश्वविद्यालय के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिक डा. सीवी सिंह ने बताया कि मौसम में आर्द्रता अधिक होने से 13 व 14 दिसंबर को देहात के कुछ स्थानों पर हल्की और कहीं-कहीं पर मध्यम बारिश होने की संभावना है।
बारिश से किसानों को फायदा मिलेगा। लेकिन मौसम में गलन भी बढ़ेगी।