कानपुर देहात। डेंगू की चपेट में आने प्राइवेट अस्पताल कर्मी की मौत के बाद मंगलवार को स्वास्थ्य टीम अकबरपुर के बजरंगनगर व मलासा ब्लॉक के दुर्जनपुरवा व कैमहा गांव पहुंची। इस दौरान कैमहा गांव में चार बुखार पीड़ित मिले। जिन्हें दवा दी गई। वहीं 25 लोगों के रक्त का सैंपल लेकर जांच के लिए भेजा गया है।
डेरापुर तहसील क्षेत्र के दुर्जनपुरवा गांव निवासी विश्वप्रताप सिंह उर्फ राहुल (35) मौजूदा समय मेें पत्नी व बच्चे के साथ अकबरपुर के बजरंगनगर वार्ड मेें रहता था। वह नबीपुर स्थित गौरी हॉस्पिटल मेें काम करता था। तेज बुखार आने पर वह 20 अगस्त को गौरी अस्पताल में 20 अगस्त को भर्ती हुआ। किट से जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई।
हालत बिगड़ने पर 21 अगस्त को परिजन कानपुर के निजी अस्पताल में ले गए। 22 अगस्त को मौत हो गई। डेंगू से मौत की जानकारी पर स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। मंगलवार को आनन-फानन में एसीएमओ डॉ. एसएल वर्मा, जिला मलेरिया अधिकारी मारुति दीक्षित स्वास्थ्य टीम लेकर अकबरपुर के बजरंगनगर वार्ड में मृतक के घर पहुंचे।
परिजनों के न मिलने पर आसपास के घरों में कूलर का गंदा पानी साफ कराया। इसके बाद कैमहा व दुर्जनपुरवा गांव पहुंचे अधिकारियों ने मरीजों की जानकारी ली। कैमहा गांव में बुखार के चार मरीज मिले। उन्हें दवा दी गई। जबकि 25 लोगों के रक्त का नमूना लिया गया।
वहीं 25 लोगों की एंटीजन किट से जांच की गई और 27 के सैंपल आरटीपीसीआर जांच को लिए गए। गांव में डीडीटी व टेमोफॉर का छिड़काव कराया गया। घरों मेें क्लोरीन की टेबलट वितरित की गई।
अकबरपुर के बजरंगनगर वार्ड के घरों में डीडीटी छिड़काव कराकर जागरूक किया गया है। कैमहा गांव में चार बुखार पीड़ित मिले हैं। उन्हें दवा दी गई है। 25 लोगों के रक्त का नमूना जांच को भेजा गया है। गांव में नजर रखने के लिए एएनएम व आशा की टीम बनाई गई है।
-डॉ. एपी वर्मा (डिप्टी सीएमओ)
डेंगू से मौत को नकार अपने सवालों मेें फंस रहे अफसर
कानपुर देहात। प्राइवेट अस्पताल कर्मी की डेंगू से मौत के मामले को स्वास्थ्य अधिकारी दूसरा रूप देने की कोशिश में जुटे हैं। मलासा देवीपुर के पीएचसी प्रभारी ने अपनी रिपोर्ट में युवक की मौत का कारण मल्टी ऑर्गन फेल्योर बताया है, लेकिन सवाल उठता है कि यह ऑर्गन फेल कैसे हुए।
जिस पर डिप्टी सीएमओ डॉ. एपी वर्मा का कहना है सामान्य या वायरल बुखार, डेंगू, टायफायट सहित अन्य कारणों से मल्टी ऑर्गन जैसे किडनी, लीवर आदि फेल हो जाते हैं और मरीज की मौत हो जाती है।
निजी अस्पताल कर्मी को बुखार आने की पुष्टि हुई है। किट से जांच में डेंगू पाया गया। एंटीबॉडी टेस्ट न होने से मौत की असली वजह पता नहीं चल सकी है। वहीं सीएमओ डॉ. एके सिंह ने कहा कि कानपुर के जिस प्राइवेट अस्पताल में युवक की मौत हुई है। वहां से डेंगू जांच व इलाज संबंधी रिपोर्ट मंगाई जाएगी। (संवाद)