कानपुर देहात। डाक्टरों के गायब रहने से जिला अस्पताल में व्यवस्था डगमगा गई। ओपीडी 1055 मरीज पहुंचे, जिसमें अधिकांश वायरल फीवर, पेट दर्द, उल्टी-दस्त से पीड़ित थे। अस्पताल में दवा वितरण कक्ष के बाहर लंबी लाइन लगी रही। वहां का पंखे बंद होने से मरीज गर्मी से बेहाल रहे। डाक्टर को दिखाने से लेकर दवा लेने तक लंबी लाइन लगानी पड़ी। वहीं, इलाज के दौरान दो डाक्टर नदारद मिले। गौरतलब है कि डीएम के निर्देश पर एसडीएम निरीक्षण कर चुके हैं। नदारद रहने वाले डाक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट भेजी जा चुकी है, इसके बाद भी सुधार नहीं हो पा रहा है।
समय- सुबह 11:55, जिला अस्पताल, ओपीडी- जब अमर उजाला की टीम जिला अस्पताल पहुंची। ओपीडी में मरीजों की खासी भीड़ थी। वहां बेहाल मरीजों ने दो डाक्टर नदारद होने के बात कही। अस्पताल में दवा वितरण कक्ष के बाहर लंबी लाइन लगी रही और वहां के पंखे बंद थे। सोमवार को चेस्ट फिजीशियन अवधेश कटियार की ड्यूटी थी, इनके कक्ष के बाहर मरीजों की भीड़ लगी थी लेकिन यह बिना सूचना के अस्पताल नहीं आए। दूसरे चेस्ट फिजीशियन अनिल सक्सेना डे आफ की वजह से नहीं आए। मरीज डाक्टरों का इंतजार करने के बाद बिना उपचार के ही लौटने को मजबूर हुए। अस्पताल में कुल 1055 मरीज आए। पर्चा बनवाने से लेकर डाक्टर को दिखाने व दवा लेने में घंटों लाइन लगानी पड़ी। अस्पताल में दवा वितरण कक्ष के बाहर लगे पंखे बंद होनेे से मरीज गर्मी से बेहाल हो गए। मरीज अस्पताल की अव्यवस्था को कोसते रहे।
प्रभारी सीएमएस आरए मिर्जा ने बताया कि चेस्ट फिजीशियन अवधेश कटियार बिना छुट्टी लिए नदारद रहे हैं, उनसे जवाब मांगा जाएगा। वहीं दवा वितरण कक्ष के बाहर खराब पंखों की मरम्मत के लिए बिजलीकर्मी को निर्देश दिए गए है।
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