कानपुर। हरकोर्ट बटलर तकनीकी विश्वविद्यालय (एचबीटीयू) ने छात्रों को बड़ी राहत देते हुए इंप्रूवमेंट परीक्षा और चैलेंज मूल्यांकन की सुविधा सभी विभागों में लागू कर दी है। अब तक यह व्यवस्था केवल बीटेक छात्रों तक सीमित थी। विवि प्रशासन ने छात्रों की लगातार मांग को देखते हुए इसे बीबीए, एमबीए, एमटेक और एमसीए सहित सभी विभागों के छात्रों पर यह व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था आगामी सत्र से लागू कर दी जाएगी।
विवि अब छात्रों को बेहतर अकादमिक प्रदर्शन का अतिरिक्त अवसर उपलब्ध कराना चाहता है। नई नीति के लागू होने से हजारों छात्रों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। बीबीए, एमबीए और एमसीए के छात्रों ने पिछले कई सेशनों से यह मांग रखी थी कि उन्हें भी बीटेक की तरह अपने अंकों में सुधार करने और मूल्यांकन को चुनौती देने का मौका दिया जाए। अब इस निर्णय के बाद सभी विभागों के छात्रों को समान रूप से परीक्षा सुधार और मूल्यांकन पारदर्शिता का लाभ मिलेगा। इस निर्णय को विवि की एकेडमिक काउंसिल की बैठक में भी पास कर दिया गया है।
प्रथम वर्ष से लेकर अंतिम वर्ष तक कोई भी छात्र यदि किसी विषय में अंक या मूल्यांकन संतुष्ट नहीं है तो तय शुल्क जमा कर वह अपनी कॉपी की पुनः जांच करवा सकेगा। इसके साथ ही इंप्रूवमेंट परीक्षा का अवसर केवल अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए ही उपलब्ध रहेगा। अंतिम वर्ष के वह छात्र जो अपने अंकों में सुधार करना चाहते हैं या बेहतर ग्रेड के साथ डिग्री प्राप्त करना चाहते हैं, वे निर्धारित नियमों के तहत इंप्रूवमेंट परीक्षा दे सकेंगे। विवि प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से अंतिम वर्ष के छात्रों को नौकरी और उच्च शिक्षा में बेहतर अवसर मिल पाएंगे। डीन एकेडमिक्स डॉ. वंदना दीक्षित ने बताया कि छात्रों के हित को देखते हुए फैसला लागू किया गया है। अब सभी कोर्स में इंप्रूवमेंट और चैलेंज मूल्यांकन को लागू किया गया है।