नोटबंदी के एलान के बाद बैंकों के बाहर लगी लंबी लाइनों के बीच डाकघर से राहत की खबर है। 11 नवंबर से 24 नवंबर के बीच शहर के डाकघरों में 6036 नए बचत खाते खुले हैं। जबकि पिछले महीने में कुल 5500 बचत खाते खुले थे।
बैंकों में बढ़ रही भीड़ से बचने के लिए अब लोग डाकघरों की ओर आ रहे हैं। जिनके बचत खाते पहले से ही डाकघरों मे हैं उनको रकम निकालने में सहूलियत हो रही है। नया खाता खुलवाने वाले को भी खाता खुलवाते ही आराम से रकम निकाल रहे हैं। नए खाते के साथ पोस्टआफिस डेबिट कार्ड और चेकबुक भी मिल रही है। कम खाते होने के चलते भीड़ कम है इसलिए मारामारी नहीं है।
बैक की तरह ही बचत खाते पर 4 प्रतिशत ब्याज मिलता है। इसके अलावा फिक्स डिपाजिट, किसान विकास पत्र, राष्ट्रीय बचत पत्र जैसी सुविधाएं हैं। बगैर चेकबुक के बचत खाते में 50 रुपये और चेकबुक वाले खाते में 500 रुपये रखना अनिवार्य है। शहर में 98 डाकघर हैं,इस सघन नेटवर्क के चलते खाताधारकों को परेशानी नही होती। कानपुर क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल आलोक सक्सेना ने बताया नए खाते खोलने का कार्य तेजी से किया जा रहा है। खाताधारकों को सभी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।