उन्होंने कहा कि समाज में कुछ ऐसे भी लोग होते हैं, जो मुत्यु के बाद भी अमर रहते हैं। चौधरी हरमोहन उन्हीं में से एक थे। चौधरी हरमोहन ने समाज को नेतृत्व देने के लिए आने वाली पीढ़ियों का भी मार्गदर्शन किया। बताया कि ग्राम प्रधान से अपना राजनीतिक जीवन शुरू करने वाले हरमोहन यादव लोकसभा तक पहुंचे। बताया कि एक समय ऐसा था जब यूपी की राजनीति मेहरबान सिंह का पुरवा से चलती थी। मोदी ने कहा कि हरमोहन एक फौलादी नेता थे, जिन्होंने सिख भाई-बहनों की रक्षा के लिए अपनी जान की परवाह नहीं की। उनकी इस बहादुरी को देश ने पहचाना और उन्हें शौर्य चक्र से सम्मानित किया। उन्होंने पूर्व सांसद चौधरी सुखराम और उनके बेटे मोहित यादव को ऐसे आयोजन के लिए बधाई दी।