हरियाणा और पंजाब की राजनीति में आजादी के बाद से ही सक्रिय रहे चौधरी चांदराम राजनीतिक रूप से बड़ा नाम हुआ करते थे। पहले पंजाब और बाद में हरियाणा विधानसभा के कई बार सदस्य रहे चौधरी चांदराम अपने राजनीतिक सफर में एक बार हरियाणा के उपमुख्यमंत्री बनने के साथ ही केंद्रीय मंत्री बनने तक में कामयाब रहे।
बात 1989 के लोकसभा चुनाव से शुरू होती है। जनपद के दिग्गज नेता परमाई लाल 1989 में हरदोई लोकसभा क्षेत्र के साथ ही तत्कालीन अहिरोरी विधानसभा क्षेत्र से भी जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े थे। हरदोई की जनता ने उन्हें दोनों सीटों पर जीत दिला दी। बाद में परमाई लाल ने लोकसभा की सदस्यता छोड़ दी और यहां उपचुनाव हुआ।
जमानत तक नहीं बच पाई
उपचुनाव में हरियाणा से आकर चौधरी चांदराम जनता दल के टिकट पर चुनाव लड़े और उनका मुकाबला गोरखपुर के रहने वाले कांग्रेस के दिग्गज नेता सुखदेव प्रसाद से हुआ। जनता ने चौधरी चांदराम का साथ दिया और वह लोकसभा में पहुंच गए। दिल्ली पहुंचने के बाद चौधरी चांदराम ने हरदोई मुड़कर नहीं देखा। तकरीबन 14 साल बाद चौधरी चांदराम वापस हरदोई आए और 2004 का लोकसभा चुनाव उन्होंने हरदोई लोकसभा क्षेत्र से लड़ा। इस बार जनता ने चौधरी चांदराम को जमीन दिखा दी। उन्हें महज 9402 वोट मिले और उनकी जमानत तक नहीं बच पाई।