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काल का गड्ढा: भट्ठे की लापरवाही या बदकिस्मती? राहत के लिए खुदा पर बना मौत का सबब, खेल-खेल में भाई-बहन की मौत

Tue, 12 May 2026 05:41 AM IST
Himanshu Awasthi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई

सार

Hardoi Two Children Drowning Case: चिमना में ईंट-भट्ठे पर पानी के गड्ढे में डूबने से सगे भाई-बहन की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन ने मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से 4-4 लाख रुपये की सहायता देने की घोषणा की है।
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मृतक मासूमों की फाइल फोटो - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हरदोई जिले में लोनार कोतवााली क्षेत्र के चिमना में ईंट-भट्ठे पर पथाई करने वाले मजदूरों को राहत देने के लिए खोदा गया गड्ढा दो मासूम बच्चों की मौत की वजह बन गया। 10 फीट लंबे, आठ फीट चौड़े और पांच फीट गहरे गड्ढे में खेलते समय गिरे भाई को बचाने में बहन की भी मौत हो गई। मृतकों के परिजनों को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये की सहायता दी जाएगी।

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ईंट-भट्ठे पर पथाई करने वाले मजदूरों को पहले से ही खोज लिया जाता है। अमूमन ठेकेदार के माध्यम से हर वर्ष वही मजदूर बुलाए जाते हैं। पिछले कई वर्ष से इरशाद इसी भट्ठे पर पथाई करने परिवार समेत आता है। इस बार पथाई का काम उसे जिंदगी भर का गम दे गया।

घटनास्थल पर एकत्रित परिजन और लोग - फोटो : amar ujala
पथाई के दौरान गीली की जाती है मिट्टी
उपजिलाधिकारी शाहाबाद सुशील मिश्रा ने बताया कि घटना का पता चलने पर राजस्व विभाग की टीम मौके पर भेजी गई थी। इस दौरान पता चला कि पथाई के दौरान मिट्टी गीली की जाती है। इसके लिए मजदूरों को दूर न जाना पड़े इसलिए पास में ही पांच फीट गहरा गड्ढा खोदकर पानी भर दिया गया था।

राहत कोष से चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे
रविवार को दिन में यहां मजदूरों ने काम भी किया था। रात में हादसे का पता चला। एसडीएम ने बताया कि दोनों मृतकों के परिजनाें को दैवीय आपदा राहत कोष से चार-चार लाख रुपये दिए जाएंगे। दोनों सगे भाई बहन हैं इसलिए इनके परिजनों के खाते में रुपये भेज दिए जाएंगे।

भट्ठे पर खोदा गया गड्ढा बना काल - फोटो : amar ujala
ये था पूरा मामला
लोनार कोतवाली क्षेत्र के चिमना में स्थित ईंट-भट्ठे के पास पानी भरे गड्ढे में डूब रहे भाई को बहन न बचा सकी। दोनों मासूमों की मौत हो गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जरूरी नमूने जुटाए हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में डूबकर मौत होने की पुष्टि हुई है।

भट्ठे के पास खेल रहे थे दोनों
लखीमपुर खीरी के मोहम्मदी कोतवाली क्षेत्र के अमीनगर के इरशाद चिमना गांव में स्थित आशीष ईंट-भट्ठे पर पथाई का काम करते हैं। ईंट-भट्ठा परिसर में ही बने झोपड़ीनुमा मकान में वह पत्नी सलमा, दो बेटों और तीन बेटियों के साथ रहते हैं। रविवार शाम उनकी बेटी रुखसार (9) और अबजद (7) भट्ठे के पास खेल रहे थे।

ईंट भट्टे में हादसा - फोटो : amar ujala
पानी भरे गड्ढे में शव मिले
इरशाद ने बताया कि देर रात तक बच्चे घर नहीं आए, तो दोनों की तलाश की गई। इस दौरान भट्ठे से लगभग 100 मीटर दूर पानी भरे गड्ढे में दोनों के शव मिले। कुछ ही देर में भीड़ लग गई। सीओ हरपालपुर सतेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।
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एक-दूसरे को पकड़े हुए थे दोनों
माना जा रहा है कि खेलते समय अबजद पानी भरे गड़्ढे में गिर गया। जब वह डूबने लगा तो बहन रुखसार ने उसे हाथ से बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन इस दौरान वह भी पानी में गिर गईं। इसके बाद दोनों बच्चे डूब गए। जब दोनों बच्चों के शव निकले, तो इनके हाथ एक दूसरे के हाथों में थे।
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