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Hardoi: नए जिलाधिकारी अनुनय झा बोले- समन्वय से निकाला जाएगा हर समस्या का समाधान

Wed, 28 May 2025 09:02 PM IST
शिखा पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरदोई
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जिलाधिकारी अनुनय झा - फोटो : अमर उजाला
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सकारात्मक सोच और युवा जोश। हालात बदलने का जज्बा और कुछ करने की इच्छा शक्ति। हरदाेई के नए जिलाधिकारी अनुनय झा के चेहरे से कुछ यही झलक मिलती है। सरकार की प्राथमिकता की योजनाओं में हरदोई को अव्वल रखने की हसरत पाले अनुनय नवाचार को लेकर भी गंभीर हैं। बिना लीकेज के पात्रों को योजनाओं का लाभ मिले। अपनी भूमिका को लेकर वह बेहद स्पष्ट हैं।
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जनपद के अंदर और बाहर समन्वय भी उनके प्राथमिकता में है। समन्वय से हर समस्या का समाधान निकालने की सोच के साथ काम करने का नजरिया भी स्पष्ट है। कहते हैं कि आम जन का सेवक और सरकार का नौकर हूं। अतिक्रमण, जाम और यातायात की समस्या से निपटने का खाका युवा आईएएस अफसर के जेहन में तैयार है। नवागत डीएम अनुनय झा ने मंगलवार को संवाद न्यूज एजेंसी से बात की। बातचीत के प्रमुख अंश यहां दिए जा रहे हैं...

प्रश्न : अपने और परिवार के बारे में बताइए?
उत्तर : वैसे तो आप सब कुछ जानते हैं, फिर भी मैं अनुनय झा साल 2015 का भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी हूं। साल 2014 में आईआरएस में चयन हुआ था। हरदोई से पहले महाराजगंज में डीएम था, उससे पहले मथुरा में नगर आयुक्त रहा। माता अलका झा और पिता नित्यानंद मिश्रा सिविल सेवा के अधिकारी रहे हैं। मां अलका झा वर्तमान में बीमा लोकपाल हैं।
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प्रश्न : हरदोई के लिए क्या प्राथमिकताएं हैं?
उत्तर : सरकार और मुख्यमंत्री की प्राथमिकताएं ही हमारी प्राथमिकता में रहेंगी। औद्योगिक विकास, सीएम युवा और पांच ट्रिलियन डालर इकोनॉमी में हरदोई की सहभागिता पर जोर रहेगा। सामाजिक कल्याण की योजनाओं में लीकेज को रोकना और सभी पात्रों को हर हाल में लाभ दिलाना लक्ष्य होगा। पात्र वंचित नहीं रहने चाहिए।
 
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जिलाधिकारी अनुनय झा - फोटो : अमर उजाला
प्रश्न : हरदोई को लेकर अभी क्या सोचा है? अलग-अलग कारणों से कई कार्य अटके हुए हैं ?
उत्तर : लखनऊ से हरदोई की दूरी 110 किलोमीटर है। विकास के मामले में अभी काफी कुछ होना बाकी है। यह तो कृषि प्रधान जिला है। साथ ही औद्योगिक क्षेत्र भी वृहद स्तर पर है। विकास की अपार संभावनाएं हैं। आमतौर पर कई विभागों के समन्वय से होने वाले कार्य अटकते हैं। इसके लिए विभागीय अधिकारियों के बीच सामंजस्य बैठाकर समाधान निकाला जाएगा।

प्रश्न : शहरों की साफ-सफाई, अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था में सुधार की कोई रणनीति?
उत्तर : हां, शहरों में साफ-सफाई सिर्फ रोड की ही नहीं, नाला-नालियों की भी ठीक से होनी चाहिए। अतिक्रमण हटाओ अभियान का मतलब ठेला खोमचे वालों को उजाड़ना नहीं है। अतिक्रमण इनसे होता है, लेकिन इन्हें हटाने के पहले इन्हें दूसरी जगह पर स्थापित कराया जाएगा। यातायात की दिशा में दो चीजें हैं। एक मांग और दूसरा आपूर्ति। ई-रिक्शा और फुटपाथों पर ऑटो, बस स्टैंड जाम के कारण हैं, लेकिन उन्हें भी संबंधित मार्गों पर शिफ्ट कराने के लिए भूमि चिह्नित कराई जाएगी। ई-रिक्शों का संचालन बंद कर देना विकल्प नहीं है। इसे बंद करने से भी आम लोगों को तकलीफ होगी।

प्रश्न : सीएम डैशबोर्ड पर रैंकिंग और योजनाओं व कार्यक्रमों की स्थिति में सुधार के लिए क्या रणनीति रहेगी?
उत्तर : महाराजगंज जनपद कृषि प्रधान है, यहां से पिछड़ा है। 60वीं रैंक पर रहने वाले महाराजगंज को कड़ी मेहनत और लक्ष्य तय करते हुए काम किए जाने से सात बार पहली रैंक मिली। वही अधिकारी थे और वही योजनाएं। हरदोई में भी लक्ष्य के साथ काम का प्रयास होगा। टीम के साथ काम होगा। विकास और राजस्व में अव्वल होने के लिए हमें मेहनत के साथ लक्ष्य साधना होगा। समन्वय से बेहतर करना होगा।

प्रश्न : जनप्रतिनिधियों और राजनीतिक लोगों के साथ कई बार विचार भिन्नता हो जाती है। समन्वय कैसे बैठाएंगे?
उत्तर : अधिकारी और जनप्रतिनिधि को मिलकर काम करना होता है। मेरे अब तक के कॅरिअर में किसी भी जनप्रतिनिधि ने विकास कार्याें और योजनाओं में बाधा नहीं डाली। जनप्रतिनिधियों के साथ समन्वय से समस्याओं का समाधान किया जाएगा।

प्रश्न : विकास कार्याें की आड़ में कई बार जिम्मेदारों की मनमानी सामने आती है। इसे कैसे सुधारेंगे?
उत्तर : इंसान से गलती हो सकती है। अंजाने में हुई गलती को सुधारकर माफ किया जा सकता है। जानबूझकर और नियोजित ढंग से की गई गलती को अनदेखा नहीं किया जा सकता। जानबूझकर गलती करने वालों पर जवाबदेही तय की जाएगी।

प्रश्न : खेल के क्षेत्र में आपकी क्या रुचि है ? हरदोई के युवाओं के लिए क्या करेंगे ?
उत्तर : मैं बैडमिंटन और टेबल टेनिस खेलता हूं। आते ही आठ माह से तैयार जिम का लोकार्पण हो गया। बौद्धिक, शारीरिक और मानसिक स्तर के लिए खेल जरूरी है। जिला क्रीडाधिकारी से पता चला है कि दो ही खेलों के कोच हैं। शासन से और कोच की व्यवस्था कराई जाएगी। प्रयास होगा कि तहसील स्तर पर मिनी स्टेडियम बन पाएं।
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