पत्नी की हत्या के दो साल पुराने मामले में अपर जिला जज कोर्ट संख्या तीन कुसुमलता ने पति को दोषी ठहराया। दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही 10 जार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी। जुर्माने की 90 फीसदी रकम बतौर क्षतिपूर्ति मृतका के वारिसों को देने के आदेश भी अपर जिला जज ने दिए हैं।
मझिला थाना क्षेत्र के गौरिया निवासी प्रदीप कुमार ने पाली थाने में 28 अगस्त 2024 को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया कि उन्होंने अपनी बहन सीमा उर्फ विनीता की शादी पाली थाना क्षेत्र के रहतोरा निवासी ब्रजेश के साथ 15 साल पहले की थी। दावा किया कि ब्रजेश शराबी है। आए दिन शराब पीकर विनीता को पीटता था। 28 अगस्त 2024 को सूचना मिली थी कि ब्रजेश ने विनीता की हत्या कर दी। परिवार के साथ रहतोरा पहुंचा तो विनीता घर में जमीन पर पड़ी थीं। शरीर पर कई जगह चोट के निशान थे। बृजेश मौके पर नहीं था। प्रदीप एंबुलेंस से विनीता को पीएचसी पाली ले गए थे। वहां चिकित्सक ने विनीता को मृत घोषित कर दिया था।
पुलिस ने ब्रजेश के खिलाफ हत्या की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की थी। 29 अगस्त 2024 को ब्रजेश को गिरफ्तार किया गया था। अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाह व 18 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए थे। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज कुसुमलता ने सजा सुनाई।