हरदोई जिले में बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के शहबादपुर गांव में आठ साल पुरानी रंजिश में किसान की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। उसे बचाने आए बेटे को भी पीटकर घायल कर दिया गया। घटना की जानकारी पर अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए। घायल को अहिरोरी सीएचसी भेजा गया है।
शहबादपुर निवासी रामफेर उर्फ रामफेरे (45) कालाआम बगिया में पान की दुकान चलाते थे। रविवार दोपहर वह गांव में ही रहने वाले राहुल की गली से पैदल निकल रहे थे। इसी दौरान राहुल की बहन बबली ने उन्हें गाली देना शुरू कर दिया। इस पर रामफेर ने आपत्ति जताई, तो राहुल, उसके पिता विक्रम, बहन बबली और मां बेहसी वहां आ गईं। इन लोगों ने लाठी-डंडों और बांके से रामफेर पर हमला बोल दिया। रामफेर पर हुए हमले की जानकारी पर उनका पुत्र कल्लू भी मौके पर पहुंच गया, तो आराेपियों ने उसे भी पीट दिया।
घटना में रामफेर की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकले। इसी बीच बेनीगंज कोतवाल संजय त्यागी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घायल कल्लू को एंबुलेंस से अहिरोरी सीएचसी भेजा। अपर पुलिस अधीक्षक पश्चिमी एमपी सिंह भी मौके पर पहुंच गए। ग्रामीणों से घटना को लेकर पूछताछ की। प्राथमिक जांच में पुलिस को पता चला है कि आठ साल पहले राहुल ने प्रेम विवाह सरदापुर निवासी युवती के साथ किया था।
शादी से पहले राहुल युवती को बहलाकर साथ ले गया था। इस मामले में युवती के पिता ने रामफेर, राहुल, कल्लू और एक अन्य शख्स के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में कल्लू को दो साल जेल में रहना पड़ा था, जबकि उसके पिता रामफेर और राहुल का नाम निकाल दिया गया था।
चौथे आरोपी की सुनवाई के दौरान ही मौत हो गई थी। इसी मामले को लेकर तब से राहुल और रामफेर के परिवार में रंजिश चली आ रही है। इसी रंजिश में घटना होने की बात कही जा रही है। बेनीगंज कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है।