परिजनों को रौंदते हुए गोड़े की दीवार से जाकर टकराई बस
इसी दौरान बिलग्राम की तरफ से सवारियां लेकर आ रही प्राइवेट बस की स्टेयरिंग फेल हो गई। अनियंत्रित हुई बस सड़क किनारे चारपाई पर बैठे रहमत के परिजनों को रौंदते हुए गोड़े की दीवार से जाकर टकराने के बाद रुक गई। घटना में आयशा, उसकी बुआ नन्हक्की, नानी हसाना और सूफियान की मौत हो गई।
गंभीर रूप से घायल हो गए ये लोग
वहीं, मुस्कान और अमानत घायल हो गए। बस सवार सांडी थाना क्षेत्र के सखेड़ा निवासी होमगार्ड मान सिंह (25), माधौगंज थाना क्षेत्र के भूड़पुरवा चंदौली निवासी सुधा (45), माधौगंज के पटेलनगर पश्चिमी निवासी नगीना (52), किदवईनगर निवासी रंजना (30) घायल हो गईं।
हरसंभव स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया
इन सभी को सीएचसी माधौगंज में भर्ती कराया गया। मानसिंह को मामूली चोट आने पर प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। घटना की जानकारी पर डीएम मंगला प्रसाद सिंह, एसपी केसी गोेस्वामी, सीएमओ डॉ. रोहताश कुमार मौके पर पहुंचे। डीएम ने घायलों से हादसे के बारे में जानकारी लेने के साथ ही हरसंभव स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है।
...तो मौत ही खींच लाई बेटी को पिता के घर
रहमत अली खेती करते हैं। उनकी पुत्री आयशा की ससुराल यूं तो बांसा गांव में है, लेकिन पिछले कई वर्ष से आयशा अपने परिवार के साथ दिल्ली के महिला पार्क नेवादा इलाके में गली नंबर दो में रहती थीं। मंगलवार सुबह पांच बजे वह दिल्ली से अपने परिजनों के साथ रोडवेज बस से बिलग्राम में उतरी थीं और फिर पिता के घर शेखवापुर पश्चिमी आ गईं।
उर्स में शामिल होने के लिए जाना था
रहमत के अन्य रिश्तेदार भी सोमवार रात ही शेखवापुर पश्चिमी में आए थे। विश्वस्त सूत्रों के मुताबिक यह सभी लोग एक उर्स में शामिल होने के लिए एकत्र हुए थे। मंगलवार शाम इन लोगों को उर्स में शामिल होने के लिए जाना था, लेकिन इससे पहले ही हादसा हो गया। हादसे की जानकारी से परिजनों में कोहराम मच गया।
घटना के बाद से चालक का नहीं लगा सुराग
घटना के बाद प्राइवेट बस के चालक का कोई सुराग नहीं लगा। दुर्घटनाग्रस्त बस उन्नाव जनपद के शहर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत आवास विकास कॉलोनी निवासी की है। 31 जुलाई 2024 तक का बस का टैक्स जमा है और इसकी फिटनेस 2025 तक के लिए है। बस का इंश्योरेंस भी एक दिसंबर 2024 तक के लिए मान्य है।