कछुए की मौत पर तेरहवीं कार्यक्रम
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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर राठ स्थित बसेला गांव में कछुए की मौत पर तेरहवीं कार्यक्रम चर्चा का विषय बन गया। इसमें सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हुए ब्राह्मण व कन्या भोज भी कराया गया।
बसेला गांव निवासी सीमा पत्नी राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि उन्हें चार वर्ष पहले तालाब किनारे दो कछुआ मिले थे। इन्हें वह अपने साथ घर ले आई। एक नाम रामू और दूसरे का श्यामू रखा।
जल्द ही दोनों ने परिवार के सदस्य के रूप में जगह बना ली। गत 19 अप्रैल को रामू की मौत हो गई। इसके बाद पूरा परिवार गम में डूब गया। राजेश ने अपने एक बीघा खेत के किनारे रामू कछुए को दफनाया।
उसकी मौत के 13 दिन पूरे होने पर तेरहवीं कार्यक्रम का आयोजन कर ब्रह्म भोज व कन्याओं को भोजन कराया गया। पारिवारिक मित्र अश्वनी महाराज ने बताया कि परिवार के लोग अकेले बचे श्यामू कछुए की देखभाल में लगे रहते हैं।