बेटे को सुरक्षित बाहर निकाला
उन्होंने किसी तरह बेटे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन खुद पानी के तेज बहाव में बह गए। सूचना मिलते ही उपजिलाधिकारी करनवीर सिंह और क्षेत्राधिकारी राजकुमार पांडेय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। एनडीआरएफ की टीम ने ग्रामीणों के साथ शनिवार देर रात तक नदी में रामकिशोर की तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला।
झाड़ियों में फंसा मिला रामकिशोर का शव
रविवार सुबह एनडीआरएफ की टीम ने फिर से खोज अभियान शुरू किया। करीब 10 बजे रपटे से लगभग 500 मीटर दूर झाड़ियों में रामकिशोर का शव फंसा मिला। पुलिस ने शव को नदी से बाहर निकलवाकर कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। तहसीलदार धनंजय कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।
डेढ़ बीघा जमीन, मजदूरी कर चलाता था परिवार
ग्राम प्रधान प्रभात यादव ने बताया कि रामकिशोर के दो बेटे और एक 18 वर्षीय बेटी है। उसके हिस्से में करीब डेढ़ बीघा जमीन थी। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह गांव में मजदूरी और चरवाही का काम करता था। हादसे के बाद पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है।