दस को मधुमक्खियों ने बुरी तरह काटा
वहीं, जो लोग मंदिर के अंदर और पुजारी की कुटिया के अंदर घुस गए। हालांकि, कुछ लोग बच गए, लेकिन दस को मधुमक्खियों ने बुरी तरह काट लिया। इस घटना में लोकेंद्र सिंह (38) पुत्र लाखन सिंह सबसे ज्यादा घायल हो गए। वहीं स्वेता (19) पुत्री पाना, रामकिशन प्रजापति (50) पुत्र दुर्गा, संध्या (20) पुत्री सुरजन रोशनी (17) पुत्री रुद्र, कोमल (20) पुत्री सुखराम, संतोष (35) पुत्र मइयादीन और बादशाह (31) पुत्र चंद्रभान यादव भी बुरी तरह घायल हो गए।
पेड़ों पर रखे छत्ते हटवाने की मांग
सभी लोग जैसे-तैसे वहां से बचकर भागे और बिवांर आकर एक प्राइवेट अस्पताल में इलाज करवाया। घायलों ने बताया कि डीहा मौजा से होते हुए भरखरी मार्ग का डामरीकरण हो रहा है। उसी के लिए तारकोल पिघलाने वाली भट्ठी से उठे काले धुएं के गुबार से मधुमक्खियां उग्र हो गईं और सभी पर हमला बोल दिया। बताते चलें कि इससे पहले भी मधुमक्खियां यहां दो बार हमला कर चुकीं हैं। लोगों की मांग है कि पेड़ों पर रखे छत्ते हटवाए जाएं, ताकि ऐसी घटना अगली बार न हो।